अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में 16 सूत्री मांगों को लेकर छात्रों का आमरण अनशन रविवार को भी जारी रहा। विवि प्रशासन की चार सदस्य टीम ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों के संबंध में वार्ता की। हालांकि वार्ता बेनतीजा रही। वहीं दो चिकित्सकों ने अनशन स्थल पर पहुंकर छात्रों की मेडिकल जांच की।
विवि में छात्रों की मांगों को लेकर एबीवीपी के बैनर तले जिला सहसंयोजक तरुण चौहान और छात्र मनीष मलिक का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। विवि प्रशासन की ओर से परीक्षा नियंत्रक प्रो. एमआर वर्मा, प्रो. दिनेश भट्ट, प्रो. वीके सिंह और प्रो. रामकुमार सिंह वर्मा ने अनशन स्थल पर पहुंकर छात्रों की मांगों के संबंध में वार्ता की। लेकिन कुछ मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। छात्र सभी मांगों को पूरे करने पर हुए लिखित में कार्रवाई पर अड़े रहे। आमरण अनशन पर बैठे तरुण चौहान, मनीष मलिक और छात्र संघ के उपाध्यक्ष गोविंद पंवार ने संयुक्त रूप से कहा कि सभी मांगों को लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन खत्म होगा। छात्रों ने कार्यवाहक कुलसचिव को हटाने की मांग भी दोहराई। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चर्चित बालियान, एबीवीपी के जिला संयोजक मोहित चौहान, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनीष चौहान, आदित्य गौड, शुभम पंवार, अभिषेक पंवार, अंशुल, सागर, रोहित पंवार, अभिषेक राणा आदि मौजूद थे।
आंदोलन के चलते नहीं चली कक्षाएं
हरिद्वार। बीते छह दिनों से गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में छात्रों के आमरण अनशन के चलते कक्षाएं नहीं चल पाई। विवि के अधिकतर छात्र कक्षों का बहिष्कार करते हुए आमरण अनशन पर पहुंचे रहे हैं। विवि में छात्रों के आंदोलन के चलते प्रशासनिक कार्य और छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैैं। जिसके चलते विवि प्रशासन की चार सदस्य टीम ने छह दिन बाद अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों के संबंध में वार्ता की।