फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंभ 2021 योजना की पहली स्वीकृतियां सिंचाई और पीडब्ल्यूडी के नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

शासन ने कुंभ 2021 की कार्ययोजना में प्रस्तावित लगभग 200 करोड़ रुपये के लागत कार्यों को मंजूरी दे दी है। हरिद्वार में कुंभ योजना की पहली स्वीकृतियां सिंचाई विभाग और प्रांतीय खंड लोनिवि के नाम हुई हैं।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक मार्च को देहरादून में कुंभ कार्ययोजना की बैठक हुई थी। उसमें स्वीकृत कार्यों का कार्यवृत विभागों को प्राप्त हो गया है। स्वीकृत कार्यों में सिंचाई खंड के लगभग 72 करोड़ रुपये लागत के कार्यों की स्वीकृति मिली और प्रथम किश्त के रूप में लगभग 43 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। स्वीकृत कार्यों से लगता है कि कुंभ को शहर से बाहर ही बाहर समेटने की योजना पर काम चल रहा है। स्वीकृत कार्यों में गंगा नदी के किनारे पं. दीनदयाल उपाध्यक्ष पार्किंग से चंडीपुल तक आस्था पथ का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन

कनखल में बस्तीराम पाठशाला के पास भी गंगा किनारे घाट का निर्माण किया जाएगा। सिंचाई खंड हरिद्वार के दो सबसे बड़े महत्वपूर्ण काम स्वीकृत हुए हैं। जिनमें लगभग 23 करोड़ रुपये लागत से सिडकुल से धनौरी दस किलोमीटर डबललेन सड़क और लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से पुल जटवाडा ज्वालापुर से मोहम्मदपुर झाल तक कांवड़ पटरी का निर्माण शामिल है। इसी प्रकार की पीडब्ल्यूडी को कुंभ योजना में लगभग 18 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले तीन पुलों की स्वीकृति मिली है। इनमें दो पुल कनखल में हैं जो बैरागी कैंप को जोड़ते हैं। पहले अस्थायी पुल बनाए जाते थे अब उन्हें स्थायी बनाया जाएगा। इनमें एक मायापुर स्कैप चैनल पर मातृसदन और दूसरा दक्षद्वीप को बैरागी कैंप पार्किंग को जोड़ेगा। तीसरा पुल धनौरी में उत्तरी खंड गंगनहर पर बनेगा। उस पर बना पुल लगभग 160 साल पुराना और जर्जर हो चुका है। इसी जगह पर नया पुल बनेगा।
विज्ञापन

लोनिवि को तीन पुलों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। जिसमें मायापुर स्कैप चैैनल पर जगजीतपुर मातृसदन में बनने वाले पुल की लागत 5.52 करोड़ और दक्षद्वीप पुल की लागत भी 5.52 करोड़ तथा धनौरी पुल की निर्माण लागत 6.89 करोड़ है।
- दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
सिंचाई विभाग की चार कार्ययोजनाओं को स्वीकृति प्रथम चरण में मिली है। इन कार्यों की लागत लगभग 71 करोड़ रुपये से अधिक है।
- सुंदरलाल कुड़ियाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड हरिद्वार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें