हरिद्वार।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर संतों में उपजा रोष शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने श्रीमहंत नरेंद्र गिरि पर दर्ज हुए मुकदमे को सनातन धर्म पर हमला बताते हुए कहा कि आदि अनादि काल से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को कुछ कथित लोग नष्ट करना चाहते हैं। ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मुकदमे का वापस नहीं लिया गया तो संत समाज आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद देश की सर्वोच्च संत संस्था है। जिसमें सभी 13 अखाड़े शामिल हैं। महाकुंभ और अर्द्धकुंभ जैसे विशाल मेलों का संचालन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में किया जाता है। बाबा हठयोगी ने कहा कि झूठ के कभी पांव नहीं होते। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष महंत ईश्वरदास महाराज ने कहा कि अखाड़े में रहने वाले महंत ही अपने आचरण से अखाड़े की बदनामी करा रहे हैं। उन्हें भगवान भी कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि महंत रामानंदपुरी बताएं कि रामानंद इंस्टीट्यूट खोलने के लिए उनके पास पैसा कहां से आया। अखाड़े का पैसा ही इंस्टीट्यूट में लगाया गया। भारत साधु समाज के प्रदेश अध्यक्ष महंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज के खिलाफ बिना जांच के झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। जो सनातन धर्म का अपमान है। दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पर बिना जांच किए मुकदमा दर्ज करना सनातन परंपराओं पर कुठाराघात है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज किए जाने की निंदा करने वालों में निर्मल अखाड़े के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, श्रीमहंत विनोद गिरी, महंत साधनानंद, स्वामी सोमेश्वरानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत मोहन सिंह, स्वामी कपिल मुनि, महंत रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी जगदीशानंद गिरी, स्वामी चिदविलासानंद, महंत श्यामप्रकाश, महंत प्रेमदास, मुखिया महंत जगदीश सिंह, महंत शिवशंकर गिरी, महंत विद्यानंद सरस्वती, श्रीमहंत नारायण गिरी, महंत मोहनदास रामायणी, महंत रघुवीरदास, महंत विष्णुदास आदि शामिल हुए।