अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पंत पार्क देवपुरा में शुरू हुआ नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का धरना सोमवार को नगर निगम परिसर में शिफ्ट हो गया है।
मोर्चा के नेताओं ने ऐलान किया है कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण करने तक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से समस्याओं को लेकर आंदोलन किया जाता रहा है, परंतु कभी नगर आयुक्त, कभी मेयर और कभी शहरी विकास मंत्री समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराते रहे हैं, किंतु समस्या जस की तस है, ऐसे में अब अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा है। मोर्चा की मांग है कि जिन आवासों पर नगर निगम कर्मचारी रह रहे हैं उनका मालिकाना हक दिया जाए, सफाई कर्मचारियों के मृतक आश्रित कैडर को बहाल करने, शासनादेश के बावजूद जिन 46 संविदा सफाई कर्मियों को अभी तक बहाल नहीं किया गया है उन्हें तुुरंत बहाल करने, 140 सफाई कर्मियों को नियमित करने तथा पेंशन सहित बकाया देयों का भुगतान करने तथा वर्दी दी जाए। धरना स्थल पर सोमवार को संयुक्त मोर्चा के नेता सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, आत्माराम बैनीवाल, सुुनील राजौर, मुकेश चंद, जुगनू कांगड़ा आदि ने विचार व्यक्त किए। धरना देने वालों में संगीता, रामकुमार, विकास, शकुंतला, शशि, विमला, ममता, कुसुम, किरण, राजेश छाछर, संजय चुटैला, सुनील, अशोक छाछर, सलेखचंद, गोपाल, राजेश कुसमपाल आदि शामिल थे।
नगर निगम कर्मियों को मिला अर्द्धकुंभ मेला भत्ता
हरिद्वार। नगर निगम के कर्मचारियों को 2016 में हुए अर्द्धकुंभ मेला भत्ता दिया गया है। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने मेला भत्ता के रूप में करीब 50 लाख रुपये का भुगतान किया है। नगर आयुक्त ने पिछले सप्ताह नगर निगम सभागार में कर्मचारियों की बैठक ली थी, जिसमें उन्होंने साढ़े सात करोड़ से अधिक संपत्ति कर की वसूली का रिकार्ड बनाने के लिए कर्मचारियों की पीठ थपथपाते हुए कर्मचारियों को मेला भत्ता सहित अन्य देयों का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। अब नगर आयुक्त ने दो साल से लंबित अर्द्धकुंभ मेला भत्ता का भुगतान कर कर्मचारियों का दिल जीतने का काम किया है। जनपदीय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संयोजक दिनेश लखेड़ा ने मेला भत्ता मिलने पर नगर निगम कर्मचारियों को बधाई दी और नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया का आभार व्यक्त किया है।