ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर हरिद्वार शाखा के प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिकों के करीब 130 डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार करते हुए अपने संस्थान बंद रखे। डॉक्टरों ने अपने अस्पतालों एवं क्लीनिकों के गेट के सामने बोर्ड लगाकर संस्थान पूर्णतया बंद रखते हुए इमरजेंसी तक ठप रखी। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि जब तक एक्ट में संशोधन नहीं किया जाता उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
शुक्रवार को प्राइवेट अस्पताल प्रबंधकों ने डॉक्टर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के खिलाफ उतरते हुए अपने अस्पतालों में इलाज की संपूर्ण व्यवस्थाएं ठप कर गेट पर ताला लगा दिया। डॉक्टरों ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने की मांग उठाई। शाखा अध्यक्ष डा. जसप्रीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले महीने आश्वासन दिया था कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में लाकर इसको लागू किया जाएगा, लेकिन उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में निजी प्रैक्टिस करने वालों को आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा है। सचिव डॉ. विकास दीक्षित ने कहा कि उत्तराखंड हेल्थकेयर एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मसौदा तैयार कर सीएम को सौंपा गया था। इसको लेकर पिछले साल दिसंबर में निजी डॉक्टरों ने आंदोलन भी किया था। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोषाध्यक्ष डॉ. मोहित चौहान और उपाध्यक्ष डॉ. अंजुल श्रीमाली ने कहा कि यदि राज्य सरकार उनकी पांच सूत्री मांगों का समाधान करती है तभी हड़ताल स्थगित की जाएगी। हड़ताल में डा. नीता मेहरा, डा. दिनेश सिंह, डा. मनप्रीत कौर, डा. सौरभ त्रिपाठी, डा. अभिषेक गुप्ता, डा. अदिति गुप्ता, डा. आरके सिंघल, डा. संध्या शर्मा, डा. एके जैन, डा. विपिन कुमार प्रेमी, डा. एनके अग्रवाल, डा. एसके सौंधी, डा. केएन गंभीर, डा. कैलाश पांडे, डा. राजेश गुप्ता, डा. प्रेम लूथरा, डा. संजय शाह, डा. के स्वरूप, डा. राम शर्मा, डा. एसके मिश्रा, ड. सुजाता प्रधान, डा. यतींद्र नागयान, डा. सुशील कुमार, डा. विनिता कुमार, डा. राजीव सिंह, डा. सिद्धार्थ त्रिवेदी आदि शामिल हुए।
मरीजों ने सरकारी अस्पतालों का लिया सहारा
हरिद्वार। प्राइवेट अस्पतालों के बंद रहने से मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों के साथ कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल का सहारा लिया। हालांकि मौसम में बारिश होने से मरीज कम ही निकले, लेकिन आईएमए शाखा के अध्यक्ष डा. जसप्रीत सिंह की माने तो 130 डॉक्टरों के पास प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज आते हैं। इससे जिला और मेला अस्पताल में भारी संख्या में मरीज पहुंचे।