अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। पहाड़ों में हो रही भारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान 294 मीटर से मात्र आधा मीटर ही नीचे है। इससे जनपद के कई क्षेत्रों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ों में दोपहर बाद फिर से बारिश शुरू होने से गंगा में पानी बढ़ने की आशंका होने से जिला प्रशासन के साथ नदी किनारे बसी आबादी क्षेत्रों में दहशत है। शनिवार शाम को गंगा का जलस्तर 293.50 मीटर दर्ज किया गया।
पहाड़ों में हो रही तेज बारिश से गंगा एवं सहायक नदियों में भारी मात्रा में पानी आ रहा है। इससे शनिवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 293.65 मीटर दर्ज किया, जो कि खतरे के निशान से मात्र 35 सेमी ही नीचे रहा। जिला प्रशासन का पूरा अमला बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डटा रहा। इससे गंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों के निवासियों में अफरा-तफरी रही। वहीं दिन में बारिश कम होने से गंगा के जलस्तर में 15 सेमी कम हो गया।
सप्तऋषि क्षेत्र से लेकर चंडीघाट तक गंगा किनारे झोपड़ियों में पानी भर गया। इससे लोगों को झोपड़ी छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
पल-पल अपडेट रहने के निर्देश
जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 293.50 मीटर दर्ज किया। लेकिन मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश होने की सूचना से जिला प्रशासन अलर्ट रहा। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि हरिद्वार और लक्सर तहसील के एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीमों को अलर्ट किया हुआ है। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण चौकियों पर तैनात चौकीदारों को पल-पल की अपडेट देने को आदेश दिए।
बांध से पानी न छोड़ने को डीएम ने लिखा पत्र
गंगा का जलस्तर बढ़ने से हरिद्वार जनपद में बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। अब यदि गंगा में पानी बढ़ेगा तो लक्सर क्षेत्र के तटबंधों में कटाव हो सकता है और आसपास के गांवों में बाढ़ आने के साथ फसलें तबाह हो जाएगी। इस आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने टीएचडीसी प्रबंधन को पत्र लिखकर अतिरिक्त पानी न छोड़ने को कहा है। डीएम ने गंगा के पानी बढ़ने से जनपद की स्थिति से अवगत कराया है।
मूसलाधार बारिश से बाजारों में भरा कीचड़
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। शुक्रवार को रातभर हुई मूसलाधार बारिश से धर्मनगरी के प्रमुख बाजारों में मलबा आने से एक बार फिर कीचड़ हो गया है। सरकार की ओर से घोषित नहर का जलस्तर बढ़ने से भीमगोडा में सीवर नाला में गंगा के बैक होने से भीमकुंड तक गंगाजल और सीवर एक हो गई। हरकी पैड़ी के पास कांगड़ी मंदिर के सामने पहाड़ से चिकनी मिट्टी दुकानों व सड़क पर फैलने से लोगों को परेशानी का सामान करना पड़ा। हिल बाईपास तथा खड़खड़ी बाईपास के मुहाने पर पहले से अधिक सिल्ट जमा हो गई है। चेकडैम नालों ने बहकर आई सिल्ट से सब्जी मंडी, रामघाट बाजार और विष्णुघाट बाजार में सिल्ट भरने से पूरे दिन बाजार अस्त-व्यस्त रहा है। कीचड़ ही कीचड़ होने से इन बाजारों से आना- जाना भी प्रभावित रहा। ब्रह्मपुरी में रेलवे की पुलिया तथा गुरुद्वारे के सामने सड़क पर गड्ढे और सिल्ट जमा होने से बाईपास रोड से ज्वालापुर का आवागमन प्रभावित रहा। भगत सिंह चौक पर भी रात में रेलवे पुलिया के नीचे पानी भरने से आना- जाना काफी समय तक बंद रहा। ज्वालापुर का कटहरा बाजार में करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा रहा है। कनखल के कई क्षेत्र में भी लोगों को रात में जलभराव का सामना करना पड़ा।
घरों में घुसा पानी, छतों पर बिताई रात
पथरी। क्षेत्र में कई स्थानों पर बरसाती पानी घरों में घुसने पर ग्रामीणों ने छत पर रहकर रात गुजारी। इसके अलावा एक्कड़ के निकट क्षतिग्रस्त रपटे से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। पथरी में खेतों में सरदार जीत सिंह व बख्शी सिंह के डेरे हैं। डेरे में पानी घुसने से परिवार के लोगों ने छत पर रहकर रात बिताई है। इसके अलावा ंगा किनारे बसे बिशनपुर कुंडी व पुरानी कुंडी के लोगों ने भी गंगा में पानी बढ़ने पर खतरे को भांपते हुए रात जाग कर काटी है। गांव अंबूवाला निवासी कांग्रेस नेता व पूर्व प्रधान धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि पथरी रोह नदी का पानी खेतों में घुस आया है। इससे धान की फसल का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश से अब तक किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से भारी बारिश को देखते हुए और गंगा में पानी बढ़ने पर गंगा तटीय गांवों में रहने वाले ग्रामीणों से चौकसी बरतने की हिदायत दी गई है। पिछले कई दिन से बारिश के चलते गंगा में पानी बढ़ गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गंगा किनारे बसे बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, टांडा भागमल व भोगपुर के लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी। नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह ने गंगा तटीय इलाके में रहने वाले ग्रामीणों से गंगा के किनारे नहीं जाने को कहा गया।