फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चौपट,

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। नगर आयुक्त के व्यवहार से गुस्साये सफाई कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। रविवार को नगर निगम क्षेत्र में सफाई नहीं हुई और कूड़ा भी नहीं उठा। नवरात्र के पहले ही दिन शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे रहे। कर्मचारी शहरी विकास मंत्री के साथ वार्ता और नगर आयुक्त के स्थानांतरण पर अड़े हैं। कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त को हटाने तक कार्यबहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया । मोर्चा नेताओं ने दावा किया सफाई मजदूर कांग्रेस के नगर निगम स्थिति कार्यालय में हुई सभा में केआरएल कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया और सोमवार से उनके समर्थन में कार्यबहिष्कार करेंगे। दूसरी ओर नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने कर्मचारियों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कुछ कर्मचारी प्रकरण को बेवजह तूल दे रहे हैं। उन्होंने कोई अभद्रता नही की है।
विज्ञापन

मालूूम हो कि शनिवार को नगर निगम के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर पहुंचे नगर आयुक्त ने कर्मचारी नेता से माइक ले लिया था। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों ने अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी थी। रविवार को कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सफाई कर्मचारी कार्यबहिष्कार पर रहे। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से धार्मिक स्थलों के आसपास नवरात्र पूजन के मद्देनजर की जानी वाली विशेष सफाई का काम नहीं हो पाया है। सफाई और कूड़ा निस्तारण नही होने से शहर के तमाम इलाकों में गंदगी के अंबार लग रहे। हालांकि नगर निगम अधिकारियों ने रविवार को केआरएल के कर्मचारियों से कुछ मुख्य स्थानों से कूड़ा उठवाने का काम कराया है, लेकिन सोमवार से यदि कंपनी के कर्मचारी भी कार्यबहिष्कार कर देते हैं तो धार्मिक नगरी में स्थिति बिगड़ जाएगी।
नगर निगम परिसर में आहूत सभा में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर आयुक्त का व्यवहार बर्दाश्त करने योग्य नहीं है और वे अपने किए पर खेद व्यक्त करें। कर्मचारी नेता सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, सुनील राजौर ने कहा कि बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी का वह विरोध नहीं कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने तानाशाही दिखाते हुए इसको शुरू किया है और प्रदेश की अन्य किसी भी निकाय में बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मशीन में गड़बड़ी है। जिसके चलते अभी तक वेतन नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

सुुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि कनखल क्षेत्र के कर्मचारियों ने 30 दिन काम किया और बायोमीट्रिक मशीन 11 दिन ही दिखा रही है। जो कर्मचारी मेडिकल पर हैं उसको उपस्थित दिखाया जा रहा है। रजिस्टर में कर्मचारी उपस्थित है और मशीन में नहीं हैं। नगर आयुुक्त उनकी बात सुनने तक तैयार नहीं हैं। सुुनील राजौर और राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि मृतक कर्मचारी के आश्रित पिछले एक साल से नियुुक्ति के लिए भटक रहे हैं। 27 जनवरी को उनको 16 सूत्री मांग पत्र दिया गया था। एक भी समस्या का निराकरण नहीं किया गया है। सभा में केआरएल कर्मचारी नेता मुकेश व मनोज ने आंदोलन का समर्थन किया है। सभा में राजू खैरवाल, संजय पेवल, सलेखचंद, अरविंद चंचल, अशोक कुमार, बलराम, संजय, महीपाल, नानकचंद आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें