ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जिले के किसी भी सरकारी विभाग और नगर निकायों ने अपनी भूमि, सार्वजनिक सड़कों, मुख्य मार्गों, बाजार, गलियों, भवनों और आवासों पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण चिन्हित कर उसकी सूची जिलाधिकारी को नियत अवधि तक उपलब्ध नहीं कराई है।
मनमोेहन सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट के 6 अक्तूबर के आदेश पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को अनुपालन के निर्देश दिए। इस पर एडीएम बीके मिश्र ने जिले के सभी सरकारी विभागों और नगर निकायों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्र के अवैध कब्जों और अतिक्रमण को चिन्हीकरण कर 15 जनवरी तक सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। डीएम को ये सूची फरवरी में हाईकोर्ट में प्रस्तुत करना है। इसी आधार पर हाईकोर्ट अवैध कब्जों को हटाने के संबंध में आदेश देगा। एडीएम बीके मिश्र ने बताया कि शुक्रवार तक किसी भी नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत और सरकारी विभाग ने सूची नहीं दी है। उन्होंने बताया कि डीएम ने ये सूची उपलब्ध कराने के लिए अनुस्मारक पत्र भेजा। इसके बाद किसी को कोई पत्र नहीं भेजा जाएगा और अपने स्तर से रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में प्रस्तुुत की जाएगी। ऐसी स्थिति में हाईकोर्ट संबंधित विभाग और निकायों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे सकता है, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
कार्रवाई के बाद फिर हुआ अतिक्रमण
हाईकोर्ट के आदेश पर सितंबर और अक्तूबर में जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्र और हरकी पैड़ी सहित गंगाघाटों से अतिक्रमण हटाया था, लेकिन उतना ही अतिक्रमण फिर हो गया है। अपर रोड बीकानेर धर्मशाला, गोरक्षनाथ मंदिर से हरकी पैड़ी तक, सब्जी मंडी, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे रोड के नाले, बिरलाघाट, नगर निगम की हरकी पैड़ी की दोनों मार्केट के रास्तों को फिर से दुकानदारों ने किराए पर उठा दिया है। कांगड़ा मंदिर क्षेत्र में भी दोबारा अतिक्रमण हो गया। पंतद्वीप वाहन पार्किंग के अंदर लगभग 200 रेहड़ी-ठेले घुस गए हैं। पार्किंग प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने पुलिस चौकी रोडी बेलवाला में शिकायत की है कि पार्किंग में ठेली वाले जबरन घुस गए हैं। राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने बैरियर पर ठेली वालों को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन एक सत्ताधारी का फोन आने पर वह बैरियर खोलने को मजबूर हो गए।