ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
एनआईटी कुरुक्षेत्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज कौशिक ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे नए-नए अनुसंधान कार्यों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में किए गए शोध के परिणामों को एकत्रित कर समूचा विश्व एक मंच पर आकर कार्य कर रहा है।
गुरुकुल कांगड़ी विवि के प्रबंध अध्ययन संकाय में ‘आर-स्टूडियो का उपयोग और सांख्यिकीय विश्लेषण’ पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में उन्होंने कहा कि इस सॉफ्टवेयर से आंकड़ों का संग्रह और विश्लेषण कर शोधकर्ता नए अनुसंधान का बेहतर परिणाम देकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है। मुख्य अतिथि सिडकुल मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र गर्ग ने कहा कि वर्तमान में विकास के नए कार्यों में अनुसंधान और आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विवि के कुलपति प्रो. विनोद कुमार ने कहा कि शोध के क्षेत्र में आज जो विभिन्न नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं, उस दिशा में हमारे प्राचीन ग्रंथों ने विश्व का मार्गदर्शन किया है। कुलसचिव प्रो. दिनेश भट्ट ने कहा कि आज की पीढ़ी को अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए बेहतर अवसर और संसाधन सहज उपलब्ध हैं। प्रबंधन संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. वीके सिंह ने बताया कि कार्यशाला में देशभर से लगभग 100 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रो. पंकज मदान ने अतिथि का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. आशीष आर्य और डॉ. मिहिर जोशी ने किया। मौके पर दून विवि के प्रो. एससी पुरोहित, प्रो. एससी धमीजा, डॉ. आरकेएस डागर, प्रो. रूप किशोर शास्त्री, डॉ. वागीश पालीवाल, डॉ. अनिल डंगवाल आदि मौजूद थे।