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बिना संशोधन वयस्क मताधिकार पर ही बुलाई बैठक

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। हरकी पैडी की प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा की प्रधान सभा की बैठक संविधान में संशोधन किए बगैर वयस्क मताधिकार के मुद्दे पर ही बुलाई जा रही है। अध्यक्ष और महामंत्री ने रजिस्ट्रार के आदेशानुसार अब तक संधोशन समिति गठित नहीं की है। समिति के बारे में भी निर्णय बैठक में ही लिया जाएगा। गंगा सभा के प्रधान सभा के सदस्यों के बीच वयस्क मताधिकार को लेकर मतभेद हैं। सभा के दोनों खेमे रजिस्ट्रार के पास दो बार जा चुके हैं। महामंत्री रामकुमार मिश्रा की जिद है कि वयस्क मताधिकार का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। साथ ही कार्यकारिणी और 780 सदस्यों वाली प्रधान सभा को भी बनाए रखा जाएगा। इसका विरोध गंगा सभा के अध्यक्ष गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा और अन्य पूर्व पदाधिकारी कर रहे हैं। रजिस्ट्रार के आदेेश पर सभापति को 11 जुलाई को बुलाई बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। महामंत्री ने अध्यक्ष की अनिच्छा के बावजूद एक बार फिर से बैठक का एजेंडा सभापति के पास भेज दिया है। महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि सभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी एवं वर्तमान अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा की ओर से रखे गए संविधान संशोधन कमेटी बनाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। अब प्रधान सभा तय करेगी कि वयस्क मताधिकार सीधे देना है अथवा संविधान समिति बनाने के बाद किए गए संशोधनों के आधार पर। उन्होंने कहा कि वे वयस्क मताधिकार का प्रस्ताव पारित करने का प्रयास करेंगे। हालांकि वयस्क सदस्य गंगा सभा का चुनाव तभी लड़ पाएंगे, जब पहले वे अपने थोक से प्रधान सभा की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे। बिना सदस्यता लिए कोई भी वयस्क सीधे चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
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नियमानुसार दिसंबर में होने वाले चुनाव से छह महीने पहले चुनाव अधिकारियों की घोषणा करनी पड़ती है। सभा के संविधान में तीन सदस्यीय चुनाव कमेटी बनाने की व्यवस्था है। ऐसे में चुनाव अधिकारी की घोषणा जून में हो जानी चाहिए थी। वयस्क मताधिकार के सवाल में उलझने से सभा के पदाधिकारी अब तक भी चुनाव अधिकारी की घोषणा नहीं कर पाए हैं। प्रस्तावित बैठक में चुनाव अधिकारी के मुद़दे पर भी खासा हंगामा होने के आसार हैं। बैठक तिथि का निर्णय सभापति कृष्ण कुमार शर्मा लेंगे।
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