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एससीएसटी आयोग सदस्य की बैठक में नहीं पहुंचे कई अफसर

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान ने बैठक में कई अफसरों के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें समुचित अधिकार दिलाने के निर्देश दिए।
सोमवार शाम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान ने अनुसचित जाति के लिए निर्धारित प्रतिशत के अनुसार किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। विभागों में आउटसोर्स से रखे गये कर्मचारियों का विवरण और आरक्षण के अनुसार भर्ती, विभागों में अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के विवादों आदि के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, मुख्य चिकित्साधिकारी, डीएफओ, खादी ग्रामोद्योग एवं आपदा प्रबन्धन अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
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स्वराज विद्वान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसचित जाति के कर्मचारियों के वादों का निस्तारण विभागीय स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशील रहकर कार्य करें। उन्होंने जनपद के सभी छात्रावासों की मरम्मत और उचित भोजन व्यवस्था के लिए टीम गठित कर 10 दिन में व्यवस्थाओं के बारे में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। कहा कि जनपद में अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करने की शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए सभी एसडीएम तत्काल इनका निस्तारण करें। स्वराज विद्वान ने कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत, बाल विकास, उद्योग, उद्यान एवं समाज कल्याण विभाग को अनुसचित बाहुल्य क्षेत्रों में शिविर लगाकर पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए निर्देशित किया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक रावत, सीडीओ स्वाति भदौरिया, सीटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह, एसडीएम दीपेन्द्र नेगी और कौस्तुभ मिश्र, डीडीओ पुष्पेंद्र चौहान, मुख्य कृषि अधिकारी वीके यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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