अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कुंभ मेले में जिस जगह साधु संतों की धूनी रमती है, वहां अब खुलकर जाम से जाम टकराए जा रहे है। कारण देसी अंग्रेजी शराब का ठेका कुंभ क्षेत्र में खुलना है। हैरानी इस बात पर है कि साधु संतों से लेकर राजनीतिक दल और आध्यात्मिक संस्थाएं खामोश है। दूसरी बड़ी बात ये है कि यूपी सिंचाई विभाग की अनुमति के बगैर ही शराब का ठेका फलफूल रहा है।
हरिद्वार क्षेत्र में चोरी छिपे देसी अंग्रेजी शराब की तस्करी का खेल होता ही है। समय- समय पर पुलिस की कार्रवाई से इसकी तस्दीक भी होती आई है। अब तो कुंभ क्षेत्र में ही शराब के ठेके का शटर उठा दिया। कांगड़ी गांव में शराब का ठेका सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से पांच सौ मीटर पीछे शिफ्ट करने के आदेश के बाद ठेकेदार ने पहले तो वहीं आसपास में दुकान शिफ्ट करनी चाहा था लेकिन जनविरोध से ऐसा संभव नहीं हुआ। फिर पूर्वी गंगनहर पटरी के समीप ठेका वहां शिफ्ट कर दिया गया, क्योंकि वहां आबादी नहीं है, लेकिन जिस स्थान पर ठेका खोला गया है, वह स्थान कुंभ क्षेत्र में आता है। कुंभ में देश भर के कोने- कोने से आने वाले साधु संतों की छावनियां उस क्षेत्र में बनती है। कुंभ अभी दूर होने से किसी ने इस तरफ गौर नहीं किया। हैरानी की बात हो यह है कि यूपी सिंचाई विभाग ने भी ठेकेदार को भूमि आंवटित नहीं की है।
विभाग ने किसी को शराब का ठेका खोलने की अनुमति नहीं दी है। मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सीबी यादव, अधिशासी अभियंता, उत्तरी खंड गंगनहर रूड़की,
कुंभ क्षेत्र में ठेका होने की कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। यदि यूपी सिंचाई विभाग की जगह है और उन्होंने अनुमति नहीं दी है तो वे कार्रवाई क्यों नहीं करते है।
प्रशांत कुमार, जिला आबकारी अधिकारी