अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रशासन की ओर से जलाए गए अलाव बेहद नाकाफी हैं। ऐसे में कई स्थानों पर लोगों ने ठंड से बचने के लिए खुद अलाव की व्यवस्था की है। कुछ लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों के सामने भी अलाव की व्यवस्था की है। भीषण ठंड और शीतलहर के चलते मोती बाजार, बड़ा बाजार और घाटों के बाजारों की अधिकांश दुकानें बृहस्पतिवार को बंद रही। ठंड को देखते हुएगंगा सभा ने सात स्थानों पर अलाव जलवाए हैं। हरकी पैैडी पर कार्यरत कर्मचारियों को गर्म जर्सी का वितरण शुक्रवार को किया जाएगा।
हरिद्वार प्रशासन ने कई स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया। हालांकि धरातल पर उनकी संख्या काफी कम है। इसके विपरीत नगरवासियों ने अपनी दुकानों और खोखों के बाहर छोटे-छोटे अलाव जलाकर भीषण ठंड से मुक्ति पाने का प्रयत्न जरूर किया है। इन जन अलावों वाल ें अधिकांशत: लकड़ी के फट्टे जलाए जा रहे हैं। इन्हीं के सहारे लोगों की शाम कट रही है। निगम और प्रशासन की अन्य इकाइयों के अलाव जल तो रहे हैं, परंतु एक अलाव से दूसरे की दूरी कई मील है। हरकी पैडी चौक के बाद केवल रेलवे स्टेशन पर एक अलाव जल रहा है। स्टेशन के बाद तीसरा अलाव ऋषिकुल के पास है। हरकी पैडी की प्रबंधकारिणी संस्था गंगा सभा ने ब्रह्मकुंड क्षेत्र, जनाना घाट, रेलवे चौकी, कुशा घाट, गऊ घाट, सुभाष घाट, मालवीय द्वीप और अस्थि प्रवाह घाट पर अलाव जलवाए हैं। गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि भीषण ठंड और मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए अन्य कई जगह भी अलाव जलवाए जाएंगे। गंगा सभा ने भीषण ठंड में हर की पैडी पर कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए गर्म जर्सियां मंगाई हैं। इनका वितरण शुक्रवार को किया जाएगा।
भारी ठंड और गंगा घाटों पर चल रही शीतलहर की वजह से बुधवार को साप्ताहिक बंदी के दौरान व्यापारियों ने पान तक की दुकानें नहीं खोली। ठंड इतनी अधिक थी कि लोग घरों से बाहर नहीं निकले। बृहस्पतिवार को भी कईं दुकाने बंद रही। गंगा की सायंकालीन आरती में कोहरे कारण दर्शनार्थियों की भीड़ प्रतिदिन कम हो रही है।