अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को मोह, माया एवं सांसारिक बंधनों से मुक्त कर कर्म करने की प्रेरणा देती है।
ये बात भारतमाता मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने भूपतवाला स्थित हरिहर पुरुषोत्तम धाम के वार्षिकोत्सव पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर कही।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्कर्म करने चाहिए और जीवन में धर्म का अनुसरण करते हुए संसार में कर्मशील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा के पावन तट पर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के सभी संताप दूर हो जाते हैं। कथा व्यास स्वामी जगदीश दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्मानुयायियों को श्रीमद् भागवत को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को गो, गंगा, गीता के बारे में विस्तार से जानकारी देकर उन्हें सनातन धर्म के प्रति जागरूक करना चाहिए। स्वामी हरिचेतनानंद महाराज के संचालन में आयोजित वार्षिकोत्सव में जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव देवानंद सरस्वती, उदासीन पंचायती बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत प्रेमदास, महंत कमलदास महाराज, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिरुद्ध भाटी, पार्षद अनिल मिश्रा, चतर सिंह ठेकेदार ने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में संयोजक महंत कमलदास महाराज ने बताया कि श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह की पूर्णाहूति 15 मई को होगी। इस अवसर पर समूचे देश से श्रद्धालु कार्यक्रम में भागीदारी करेंगे।