राजेश शर्मा
हरिद्वार।
केंद्र की मोदी सरकार ने गांवों के विकास के लिए ग्राम स्वराज अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। भारतरत्न डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शुरू होने वाले इस अभियान के तहत गांवों में अलग-अलग दिनों में जनसहभागिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इस योजना के क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान 14 अप्रैल को शुरू किया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग तारीखों में अलग- अलग विषयों पर आयोजन कर लोगों को उससे जोड़ा जाएगा।
अभियान के अंतर्गत 14 अप्रैल को सामाजिक न्याय दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर समाज कल्याण विभाग की और से मेगा शिविर का आयोजन कर लोगों को समाज कल्याण विभाग के मार्फत मिलने वाली योजनाओं का लाभ मुहैया कराने के साथ ही गोष्ठियों का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने की योजना है।
18 अप्रैल को स्वच्छ भारत दिवस का आयोजन कर सभी ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। 20 अप्रैल को उज्जवला दिवस का आयोजन कर लोगों को केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के बारे में जानकारी देने के साथ ही पात्र लोगों को रसोई गैस के कनेक्शन, चूल्हे और सिलेंडर वितरण किया जाएगा। 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस का आयोजन कर सभी गांवों में सामाजिक मुद्दों की जानकारी देने के साथ टीकाकरण, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सशक्तीकरण की जानकारी दी जाएगी।
28 अप्रैल को ग्राम स्वाराज दिवस के तहत गोष्ठियों का आयोजन कर प्रधानमंत्री आवास और सौभाग्य योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों की जानकारी देने के साथ ही योजनाओं का लाभ भी लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। 30 अप्रैल को आयुष्मान दिवस मनाते हुए स्वास्थ्य के बारे में विशेषज्ञ जागरूक करेंगे, वहीं दो मई को किसान कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से किसानों के कल्याण और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों को किसानों तक पहुंचाया जाएगा। पांच मई को आजीविका दिवस के रूप में राज्य और जिला स्तर पर विशेषज्ञ बैंकिंग योजनाओं के बारे में बताएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि इन सभी कार्ययोजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। सभी विकासखंड अधिकारियों के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रमों में जनसहभागिता बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।