गंगा में मानकों को दरकिनार करके कराए जा रहे खनन की शिकायत पर केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने श्यामपुर, चिड़ियापुर, बिशनपुर कुंडी समेत सात स्थानों का निरीक्षण किया। यह जांच मातृसदन के परमाध्यक्ष शिवानंद की ओर से एनजीटी में की गई शिकायत पर की जा रही है। मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वे अपने रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेंगे जो एनजीटी को भेजी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद की ओर से एनजीटी में इस बात की शिकायत दर्ज कराई गई है कि गंगा में निर्धारित प्रावधानों के विपरीत खनन किया जा रहा है। उन्होंने खनन पर रोक लगाने की मांग की थी। एनजीटी ने इस संबंध में केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय से रिपोर्ट तलब की। मंत्रालय ने दस सदस्यीय टीम गठित जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुरेेंद्र कुमार की अगुवाई में गठित टीम शुक्रवार को हरिद्वार पहुंची और वन, राजस्व, जिला प्रशासन और वन विकास निगम के अफसरों के साथ श्यामपुर क्षेत्र के अंजनी, चिड़ियापुर, गैंडीखाता, रवासन प्रथम, रवासन द्वितीय कोटावाली नदी, बिशनपुर कुंडी, समेत उन सात स्थानों पर जाकर जांच की जहां वन विकास निगम की ओर से खनन कराया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने की खनन की वकालत
इतना ही नही जांच के दौरान टीम ने मौके पर उपस्थित अफसरों के साथ ही ग्रामीणों से भी उनका पक्ष जाना। हालांकि ग्रामीणों ने टीम के सामने साफ तौर पर कहा कि गंगा में खनन होना चाहिए। रवासन गेट में निरीक्षण के समय नलोवाला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कम स्थान में खनन चुगान होने के कारण बरसात का पानी गांव की ओर रुख करता है। जिससे गांव को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने खनन चुगान की सीमा बढ़ाने की भी मांग की। आखिरकार खनन स्थलों का निरीक्षण करने के बाद टीम दिल्ली लौट गई। जांच के समय इंडियन माइनिंग ब्यूरो के पुष्पेंद्र गौड़, वैज्ञानिक अमित वशिष्ठ, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, उपनिदेशक खनन दिनेश कुमार आदि मौजूद थे।
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मातृसदन परमाध्यक्ष ने उठाए कुछ सदस्यों पर सवाल
जांच टीम में बतौर सदस्य शामिल मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने जांच टीम पर ही सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच टीम में शामिल डा. सुरेंद्र कुमार की भूमिका संदिग्ध हैं। स्वामी शिवानंद का यह भी कहना है कि जांच टीम को एक फरवरी से निरीक्षण करना था लेकिन महज शुक्रवार को ही निरीक्षण किया गया।