केदार घाटी में बचाव अभियान के दौरान शहीद हुए 20 जांबाजों को सैन्य सम्मान के साथ गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, सेना प्रमुख बिक्रम सिंह और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने श्रद्धांजलि दी।
एयरफोर्स, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के ये अफसर और जवान मंगलवार को गौरीकुंड के पास हेलीकाप्टर हादसे में शहीद हो गए थे। सब एरिया उत्तराखंड के हैलीपैड पर राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे शहीदों को सेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद शव उनके पैतृक निवास के लिए रवाना कर दिए गए।
इसके पूर्व सेना के मध्य कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत, यूबी एरिया कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस बाबा, आईएमए कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह, आईटीबीपी के महानिदेशक अजय चड्ढा, एयर मार्शल देव ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, एमडीएमए के उपाध्यक्ष एस रेड्डी, कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, गृह सचिव ओम प्रकाश ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद जांबाज
वायुसेना : विंग कमांडर डेरिल केस्टिलीनो, फ्लाइट लेफ्टिनेंट के प्रवीण और तपन कपूर, जूनियर वारंट अफसर एके सिंह, सार्जेंट सुधाकर यादव
आईटीबीपी : कमांडेंट नंद राम, सब इंस्पेक्टर जयेंद्र प्रसाद, कांस्टेबल जोमोन पीजी, विभूति राय, सर्वेश कुमार और अजय लाल
एनडीआरएफ : कमांडेंट नित्यानंद गुप्ता, इंस्पेक्टर भीम सिंह, सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार, कांस्टेबल के विनायगन. बसवाराज यारागति, संजीव कुमार, संतोष कुमार पासवान, शशिकांत रमेश और अहिर राव गणेश