सोमवार को मौसम खराब होने के कारण कोई भी हेलीकाप्टर केदारघाटी में नहीं उतर सका है। सवा बारह बजे के करीब जब मौसम खुलने लगा तो एयर फोर्स का एक हेलीकाप्टर गुप्तकाशी हेलीपैड पर उतरा, लेकिन कुछ ही समय बाद वह गौचर के लिए उड़ गया। बताया गया कि वह मौसम का हाल देखने और धुंध परीक्षण के लिए देवशाली हेलीपैड पर आया था।
फाटा में महामारी
फाटा में महामारी फैलने की संभावना बढ़ गई है। जगह जगह पड़ी लाशों के सड़ने से फाटा में डायरिया फैलने की सूचना सोमवार को एनडीआरएफ टीम को मिली। सूत्रों के अनुसार लाशों के सड़ने और उनकी बदबू से फाटा में संक्रमण फैल रहा है।
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सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ ने ब्लीचिंग पाउडर, दवाइयां और अन्य जरूरी समान भेजने की कोशिश में लग गया है। हालांकि खराब मौसम के कारण कोई उड़ान नहीं होने के कारण एनडीआरएफ की कोशिश अभी कामयाब नहीं हो हुई है।
राहत बचाव कार्य में भूस्खलन का रोड़ा
बारिश के बाद एक बार फिर भूस्खलन होने से राहत बचाव कार्य में दिक्कत होने लगी है। गुप्तकाशी और सोनप्रयाग के बीच रविवार और सोमवार को जगह जगह भूस्खलन होने से सड़क मार्ग बाधित हो गया है। इससे गौरीकुंड तक वाहनों को पहुंचना अब संभव नहीं रहा। वहीं रविवार से शुरू हुई हल्की हल्की बारिश के कारण केदारनाथ का वैकल्पिक मार्ग (टिहरी-घनसाली-गुप्तकाशी) भी लगभग बंद हो गया है। जिसके कारण केदारघाटी से टिहरी होकर देहरादून पहुंचना भी अब संभव नहीं रहा।
नहीं हो सका पंचनामा
गुप्तकाशी से गैरीकुंड तक हो रही हल्की हल्की बारिश और धूंध के कारण केदारनाथ मंदिर परिक्षेत्र में फैले शवों के पोस्टमार्टम और पंचनामे के कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका। पंचनामे का सारे समान के साथ पुलिसकर्मी अभी देवशाली हेलीपैड पर ही हैं। हेलीकाप्टर नहीं पहुंचने के कारण सोमवार दोपहर तक उन्हें केदारधाटी नहीं भेजा जा सका।