देश के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिले के लिए होने जा रही ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (एआईपीएमटी) से ठीक पहले लड़कियों को ड्रेस कोड में कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
हाल ही में सीबीएसई की बैठक में इस ड्रेस कोड पर चर्चा हुई और निर्देश जारी हुए कि किसी भी छात्र या छात्रों की धार्मिक भावनाएं आहत न होने दी जाएं। सीबीएसई ने पेपर लीक होने के बाद गत वर्ष अगस्त में दोबारा एआईपीएमटी कराई थी। इसमें छात्र और छात्राओं के लिए बेहद सख्त ड्रेस कोड बनाया गया था।
छात्राओं को हिजाब, बुर्का और फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनने से मनाही की गई थी। इस पर देशभर में विभिन्न संगठनों ने भारी विरोध जताया था। केरल में तो कई मुस्लिम छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दी थी। बोर्ड ने यह नियम एआईपीएमटी 2016 के नोटिफिकेशन में भी बरकरार रखे।
देशभर में यह परीक्षा एक मई को होने जा रही है। परीक्षा से ठीक पहले बोर्ड ने किसी भी धार्मिक भावनाएं आहत न होने देने पर जोर दिया। सीबीएसई के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने फुल स्लीव्स, हिजाब आदि न पहनने के नियम में ढील देने का फैसला लिया है। हालांकि बड़े साइज के बटन वाले कपड़े न पहनकर आने का नियम लागू रहेगा। जल्द ही इससे संबंधित दिशा निर्देश सभी परीक्षा केंद्रों से जुड़े पर्यवेक्षकों को भेज दिए जाएंगे।
परीक्षा में इन पर पाबंदी
पेपर, बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, पेन, स्केल, राइटिंग पैड, पेन ड्राइव, इरेजर, लॉग टेबल, इलेक्ट्रॉनिक पेन, मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, पर्स, फैंसी चश्मा, हैंडबैग, हेयर पिन, हेयर बैंड, ताबीज, बेल्ट, कैप, रिंग, ब्रेसलेट, ईयररिंग, नोजपिन, नेकलेस या चेन, पेंडेंट, बैज, घड़ी, कैमरा, पैक्ड वाटर बॉटल आदि।