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देखिए, कैसे देवभूमि में गंगा तट बने वॉशिंग सेंटर

Thu, 07 Apr 2016 09:04 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुनिकीरेती
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राफ्टिंग
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एक तरफ एनजीटी लगातार गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासन को निर्देश रहा है और दूसरी ओर उत्तराखंड में गंगा तटों को वॉशिंग सेंटर बनाया जा रहा है।
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टिहरी जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते खारास्रोत में गंगा तट पर अनधिकृत रूप से वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है। यहां पहले राफ्टिंग संचालकों ने अपने वाहन खड़े किए और अब बाहर से राफ्टिंग के लिए आने वाले पर्यटकों के वाहन भी गंगा तट पर पार्क कराए जा रहे हैं।

इन वाहनों की धुलाई भी गंगा में ही हो रही है। लेकिन टिहरी प्रशासन मामला संज्ञान में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। यह स्थिति तब है जब एनजीटी ने गंगा स्वच्छता को लेकर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। 
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ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में गंगा के तटों को राफ्टिंग संचालकों और साहसिक खेल के शौकीनों ने मनमानी का अड्डा बना दिया है। यहां खारास्रोत नदी के गंगा तट पर पहले राफ्टिंग संचालकों ने अपने वाहन अनधिकृत रूप से पार्क करने शुरू किए।

इसके बाद निजी वाहनों से यहां रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए आने वाले पर्यटकों के वाहन भी नदी किनारे ही खड़े किए जाने लगे। इससे गंगा का तट अनधिकृत रूप से आड़े तिरछे वाहनों की पार्किंग बनकर रह गया है।
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अवशेष कचरा छोड़ देते हैं पर्यटक

राफ्टिंग
मुनिकीरेती में राफ्टिंग संचालक और पर्यटक यहां नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियम कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं। जिस तट पर वाहन को उतारा ही नहीं जा सकता, वहां न सिर्फ वाहन पार्क किए जा रहे हैं बल्कि उनकी धुलाई भी गंगा में ही की जा रही है।

गंगा तट पर ही पर्यटक खाद्य सामग्री के सेवन के बाद अवशेष कचरा छोड़ देते हैं। लेकिन उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर गंगा को प्रदूषित करने से रोकने की जिम्मेदारी निभाने की बजाए नगर पालिका मुनिकीरेती से शिकायती पत्र भेजे जाने का इंतजार कर रहे हैं।

खारास्रोत में वाहनों को पार्क किए जाने के बारे में उपजिलाधिकारी से बातचीत करने के बाद जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- बीपी भट्ट, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका मुनिकीरेती

नगर पालिका की ओर से इस बारे में प्रशासन को कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। जैसे ही पालिका से कोई इस तरह का पत्र मिलता है, तो इस दिशा में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- केके मिश्रा, उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर

नगर पालिका इसे रोकने में स्वयं सक्षम है। अगर निकाय प्रशासन इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा है तो गंगा में प्रदूषण की रोकथाम के लिए निकाय प्रशासन को निर्देश जारी किए जाएंगे। 
- ज्योति नीरज खैरवाल, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल
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