केंद्र सरकार की ओर से संचालित हार्टीकल्चर मिशन के तहत फल एवं बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड को 87 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी गई है। बजट की स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही केंद्र ने कुछ शर्तें भी लगा दी है।
केंद्र की ओर से जारी गाइड लाइन के मुताबिक हार्टीकल्चर मिशन योजना को मूर्तरूप देने के लिए राज्य को 27 करोड़ राज्यांश देना होगा, जिसकी शासन स्तर से स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अलावा शासन ने 11.5 करोड़ की कई और योजनाओं को मंजूरी दी है।
उद्यान विभाग के निदेशक डा. बीएस नेगी के मुताबिक केंद्र ने हार्टीकल्चर मिशन के तहत बागवानी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के लिए 87 करोड़ के बजट की स्वीकृति दी है। यह बात और है कि अभी तक योजना के तहत बजट का आवंटन नहीं हुआ है।
27 करोड़ का देना होगा राज्यांश
योजना को मूर्तरूप देने के लिए केद्रांश के साथ 27 करोड़ का राज्यांश देना होगा, जिसकी शासन स्तर से मंजूरी प्रदान कर दी गई है। निदेशक नेगी के मुताबिक हार्टीकल्चर योजना के तहत मानसून के दौरान राज्य भर में 10 लाख फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें आम, लीची, सेव, अखरोट, नीबू, माल्टा जैसे फल शामिल हैं।
जिलावार पौधरोपण कार्यक्रम का मसौदा तैयार कर लिया गया है। पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान पौधों की कमी न हो इसके लिए राज्य की नर्सरियों के अलावा यूपी की नर्सरियों से पौधे मंगाए जा रहे हैं।
दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों ने उद्यान विभाग की योजनाओं को लेकर जमकर हंगामा किया गया था। विधायकों ने योजनाओं को फ्लाप बताते हुए पौधों की खरीद के जांच की भी मांग की थी। इतना ही नहीं विधायकों ने उत्तराखंड से इतर दूसरे राज्यों से पौध खरीदने पर भी आपत्ति जताई थी।