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खुद सलाखों के पीछे पंहुच गई खाकी

Wed, 10 Jul 2013 08:54 PM IST
रुड़की/ब्यूरो
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गंगनहर के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर रहे आरके चमोली, दो दरोगाओं और एक कांस्टेबल समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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इन सभी पर चार साल पूर्व एक व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखकर उसके साथ मारपीट करने के आरोप हैं। इस संबंध में लोकायुक्त के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

गंगनहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक डीएस भंडारी ने बताया कि चावमंडी निवासी धीर सिंह ने कुछ समय पहले लोकायुक्त को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि 11 जुलाई 2009 को गंगनहर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न के मामले में उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा था।
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पीड़ित ने की थी कार्रवाई की मांग
इस दौरान तत्कालीन गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आरके चमोली, एसआई दिनेश सिंह, एसआई राजेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल संजयराम ने उसके साथ मारपीट की थी। पीड़ित ने लोकायुक्त से मामले की जांच कराए जाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त ने मामले की जांच की थी। जांच में इन सभी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पुलिस महकमे को कार्रवाई के आदेश दिए थे। एसपी देहात अजय सिंह ने इन सभी से जवाब मांगा था लेकिन इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए।

भंडारी ने बताया कि इस मामले में धीर सिंह की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक आर के चमोली, एसआई दिनेश सिंह, एसआई राजेंद्र सिंह और कांस्टेबल संजय राम के खिलाफ अवैध रूप से हिरासत में रखकर मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आखिर क्या था मामला
गंगनहर कोतवाली के मौजूदा प्रभारी डीएस भंडारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली धीरसिंह के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में वर्ष 2009 में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा धीर सिंह की पुत्रवधु की ओर से दर्ज कराया गया था।

तब इंस्पेक्टर आर के चमोली तत्कालीन कोतवाल थे जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की थाने में तैनाती थी। 11 जुलाई 2009 को धीरसिंह को हिरासत में लेने का आरोप है। आरोप यह था कि उसे इन लोगों ने चौबीस घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा तथा मारपीट की थी।

खाकी की खातिर छिपाया मामला
लोकायुक्त के आदेश पर गंगनहर पुलिस ने इंस्पेक्टर समेत सभी चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ छह जुलाई को ही मुकदमा दर्ज कर लिया था।

मामला खाकी की आन से जुड़ा होने के चलते गंगनहर पुलिस भी इस मामले को मीडिया से छिपाने के जुगत में लग गई। मामला पुलिस विभाग से जुड़ा होने और किरकिरी से बचने के लिए गंगनहर पुलिस ने मामले को तीन दिन तक दबाए रखा।
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