पेयजल संकट से जूझ रहे रुद्रप्रयाग जनपद में सरकारी पेयजल लाइनों के प्रभावित होने से अब हैंडपंप भी दगा देने लगे हैं।
अधिकांश स्थानों पर हैंडपंप के खराब होने पर ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में लोगों को दूरस्थ प्राकृतिक स्रोत या गाड़-गदेरों से अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही है।
जिले में जलसंस्थान की ओर से 390 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें 25 प्रतिशत हैंडपंपों पर पानी बहुत कम हो गया है। जबकि इतने ही खराब चल रहे हैं। 15 प्रतिशत हैंडपंप पर पीला या लाल पानी आ रहा है। ऐसे में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोगों को पानी के लिए दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जखोली ब्लाक के जीआईसी कंडाली में लगा हैंडपंप पर पानी नहीं आ रहा है। यहां स्कूल में मीड-डे-मील भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी रमेश प्रसाद, प्रदीप, श्याम लाल आदि का कहना है कि जलसंस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति पूर्ववत है।
इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर खांकरा में हैंडपंप से पीला पानी आ रहा है। वहीं कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते पर लगा हैंडपंप शोपीश बना हुआ है। कमेड़ा में लगा हैंडपंप भी खराब है। यही स्थिति ब्लाक मुख्यालय जखोली में भी है।
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री किशोरी नंदन डोभाल और भाजपा के जिलाध्यक्ष डा. आनंद सिंह बोहरा का कहना है कि लाखों रुपये खर्च के बाद भी सरकारी पेयजल योजनाएं शोपीश साबित हो रही है।
खराब हैंडपंपों को ठीक करने के लिए टेक्निकल टीम पहुंच चुकी है। जहां-जहां पर शिकायतें मिल रही हैं, वहां पहुंचकर हैंडपंप को ठीक किया जा रहा है।
- सत्येंद्र गुप्ता, ईई जलसंस्थान रुद्रप्रयाग