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दर्जनों गांव में अभी तक नहीं पहुंची मदद

Sun, 23 Jun 2013 11:45 AM IST
रुद्रप्रयाग/ब्यूरो
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मंदाकिनी घाटी के चार दर्जन से अधिक गांव प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा कई गांवों में अभी तक सरकारी मदद, अधिकारी-नेता व राहत दल नहीं पहुंच पाए है।
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उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज

नेता भी चापर के जरिए उन्हीं स्थानों पर जा रहे हैं जहां वो लैंड कर सकता है या पैदल चलने के लिए नहीं है। ऐसे में इन स्थानों की सुध लेवा कोई नहीं बना हुआ है।

भारी नुकसान
मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से सुमाड़ी, तिलवाड़ा, रामपुर, सिल्ली, अगस्त्यमुनि, विजयनगर, पूर्वी व पश्चिमी चाका, फलाटी, सौरगढ़, बगड़, जवाहरनगर, पुराना देवल, गंगानगर, बेडूबगड़, सौड़ी, भीरी, गटगदेरा,स्यालसौड़, गबनी गांव, कुंड, चंद्रापुरी, कालीमठ नदी आर-पार, जाल मल्ला, जाल तल्ला, चौमासी, छियासूंगढ़, गौंडार, राऊलेक, सीतापुर, गौरीकुंड, सोनप्रयाग, भटवाडी सुनार, नैलीकुंड, हाट सहित कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचा है।
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अभी तक कोई सहायता नही पहुंची है। ना ही यहां कोई संपर्क हो पा रहा है। गांव में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है। केदारघाटी में हुई आपदा पर पूरा फोकस होने के कारण अभी तक इन गांवों में कोई चिकित्सकीय दल भी नहीं पहुंच पाया है।

हजारों लोग हुए प्रभावित
विधायक केदारनाथ क्षेत्र शैलारानी ने बताया कि इस माह प्रलयकारी घटना में 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। गावों में दूध, खाद्यान, ईधन नही है। उन्होंने बताया कि मैने मुख्यमंत्री को बता दिया है कि शीघ्र गावों में मदद न पहुंची तो मै धरने पर बैठ जाऊंगी।
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