आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फैली बीमारियां डॉक्टरों को भी दबोच रही हैं। वहां शवों के सड़ने से बीमारियां फैलने लगी हैं। मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं देने गए कई डॉक्टर बीमार हो गए हैं।
कुछ डॉक्टर घबरा कर वहां से भाग आए हैं। दूसरे डाक्टर जाने से मना न कर दें, इसलिए स्वास्थ्य विभाग मामला दबा रहा है।
डॉक्टर भी पड़े बीमार
गौरीकुंड, रामबाड़ा आदि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे बीमार तीर्थयात्रियों का इलाज करते-करते कई डॉक्टर भी बीमार पड़ गए हैं। आईएमए के प्रदेश सचिव और सीनियर फिजिशियन डा.डीडी चौधरी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि जब से लौटे हैं तेज वायरल फीवर हो रहा है। बुखार उतर नहीं रहा है। अब ब्लड टेस्ट कराएंगे।
उन्होंने बताया कि शवों के सड़ने की वजह से वहां स्थिति खराब है। लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। लोगों को निमोनिया हो रहा था। डा. चौधरी के अलावा भी कुछ डाक्टर बीमार हैं। टीमों ने वहां पहुंचने के बाद से ही शिकायतें करना शुरू कर दी थी।
दून अस्पताल के डॉक्टरों की टीम इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरएस असवाल को बराबर फोन करती रही।
दे रहे गोलमोल जवाब
कार्यवाहक महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. जेएस जोशी ने डॉक्टरों की बीमारी की बात पूछने पर गोलमोल जवाब दिया। कहा कि टीमें वापस करके नई टीमें भेजी जा रही हैं। शवों के सड़ने से संक्रमण तो फैल ही रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। 303 डॉक्टरों की 43 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
आपदा के बाद बीमारों का आंकड़ा
कुल मरीज देखे गए-13 हजार 677
भरती किए गए मरीज-913
डिस्चार्ज हुए मरीज-854
इलाज करा रहे मरीज-59