कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक लेते आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने और केदारघाटी में लापता 56 लोगों के परिजनों को 15 जुलाई के बाद आर्थिक सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने डीएम को प्रत्येक माह प्राधिकरण की बैठक कर आपदा से होने वाले नुकसान एवं बचाव की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। मंत्री ने इससे पूर्व थत्यूड़ क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांव को दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
कलक्ट्रेट में आयोजित आपदा प्राधिकरण की बैठक में प्रभारी मंत्री रावत ने थत्यूड़ क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल न करने पर जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि स्वजल, पेयजल निगम और जल संस्थान आपस में समन्वय बनाकर प्राथमिकता से जलापूर्ति सुचारू करें।
डीएम नितेश कुमार झा ने बताया कि केदारघाटी में जिले से 56 लोग लापता हैं, जबकि 56 गांवों का विस्थापन किया जाना है। आपदा से 133 करोड़ की क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक छह करोड़ 22 लाख रुपये की धनराशि आपदा में खर्च की जा चुकी है।
15 जुलाई तक मिल सकेगी मदद
मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार लगाने, बंद सड़कों को खुलवाने, पेयजल योजनाओं की मरम्मत, ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह का अतिरिक्त रसद पहुंचाने और लापता लोगों के परिजनों को 15 जुलाई के बाद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के गठन के बाद पहली बार बैठक हो रही है।
मंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह में बैठक की जाएगी। टिहरी विधायक दिनेश धनै ने भैंतोगीखाल की मरम्मत एवं झील में संचालित बोटों की मरम्मत आपदा मद से करने और प्रतापनगर के विधायक विक्रम नेगी ने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों के मानकों में शिथिलता बरतने और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे पटवारियों, जेई, वीडीओ का स्थानातंरण करने को कहा।
मंत्री ने इससे पूर्व थत्यूड़ क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांव परोड़ी समेत अन्य गांवों का दौरा कर प्रभावितों की समस्याएं सुनी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रतन सिंह गुनसोला सहित कई अधिकारी मौजूद थे।