‘कोई ऐसी आपदा पीड़ित लड़की के बारे में बता दीजिए, जिसके घर में कोई न बचा हो। मैं उससे शादी करुंगा।’ यह किसी अखबार का विज्ञापन नहीं है। पूना से अनुपम नाम के युवक ने शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा कंट्रोल रूम में फोन करके अपनी संवेदनाएं जाहिर की।
उसने बताया कि वह घर का अकेला लड़का है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर आई आपदा से व्यथित है। विवाह करके वह किसी अनाथ लड़की को सहारा देना चाहता है। इसी तरह एक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम के नंबर पर कॉल की कि अगर कोई आपदा पीड़ित महिला उसके घर में काम करना चाहे तो वह नौकरी दे सकता है।
कंट्रोल रूम में ज्यादा फोन आपदा पीड़ितों को मदद देने के इच्छुक लोगों के आए। जिन लोग आपदा में लापता लोगों की खोज-खबर से संबंधित 12 फोन आए। इनमें सबसे अधिक फोन महाराष्ट्र से आए हैं। इसके अलावा गुजरात और यूपी के जिलों से हैं।
आपदा पीड़ित पता चला तो पैसा लौटाया
उत्तरकाशी से आई आपदा पीड़ित माहेश्वरी देवी (76) को सीएमआई में सात हजार रुपए का बिल पकड़ा दिया गया। उन्हें दून अस्पताल से रिफर किया गया था। उनके फेफड़ों में पानी आ गया था। रोगी के भतीजे पंकज सेमवाल ने बताया कि आपदा पीड़ित का मामला होने पर अस्पताल प्रबंधन ने पैसे लौटा दिए। वह इलाज से संतुष्ट हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि आपदा पीड़ित मरीज से पैसा नहीं लिया जाएगा। अगर किसी ने ले लिया है तो प्रबंधन से वह बात करेंगे।