केदारनाथ आपदा के बाद से थमी हेमकुंड साहिब यात्रा को 21 सितंबर से फिर शुरू करने का ऐलान कर दिया गया है।
बहुत जल्द हेमकुंड साहिब मार्ग पर जो बोले सो निहाल के नारे गूंजने लगेंगे। लेकिन तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब पहुंचने के लिए काफी दुश्वारी का सामना करना पड़ेगा। आस्था पथ कई स्थानों पर टूटा-फूटा है। तीर्थयात्रियों के लिए इस पथ को पार करना किसी अग्निपथ से कम नहीं होगा।
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गोविंदघाट से गुरुद्वारे तक जाने वाली सड़क 16/17 जून के जलप्रलय में बह गई थी। यह अभी तक इंच भर भी नहीं बनाई जा सकी है। इसलिए यहां गुरुद्वारे के कारसेवकों द्वारा पैदल आवाजाही के लिए पगडंडी बनाई गई है। लेकिन इसमें हल्की बारिश में भी फिसलन हो रही है। अगर आप हेमकुंड जाने की सोच रहे हैं तो आपको जान हथेली पर रखकर जाना होगा।
ये हैं चुनौतियां
ऋषिकेश से गोविंदघाट तक हाईवे कई स्थानों पर खराब
गौचर के समीप कमेड़ा में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन
मैठाणा में भू-धंसाव के चलते हाईवे दयनीय स्थिति में
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पागल नाला में बडे़-बडे़ बोल्डर हाईवे पर अटके हुए
पाताल गंगा में सक्रिय हुआ नया भूस्खलन जोन
पैनी मोड़ और हेलंग में भी हाईवे ऊबड़-खाबड़
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