चारधाम रूट पर संचार नेटवर्क की चाक-चौबंद व्यवस्था रहेगी। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री में विभिन्न कंपनियों ने उपकरण स्थापित कर दिए हैं। यमुनोत्री में उपकरण लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने निर्देश दिए कि बीएसएनएल भी अपनी व्यवस्था दुरुस्त कर ले। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर शौचालयों की साफ -सफाई की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश और भूस्खलन से बंद हो रहे रास्तों को तत्काल खोलने की व्यवस्था की जाए।
चारधाम यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के मामले में संवेदनशील क्षेत्रों में अभियंताओं, श्रमिकों की तैनाती और जेसीबी व्यवस्था करने के लिए कहा गया। चारधाम यात्रा मार्ग के लिए पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की विशेष तौर पर नियुक्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की यात्रा से देश विदेश में सकारात्मक संदेश गया है। उसी से इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में दोगुने से अधिक है। सिरोबगड़, घोलतीर, मैठाणा आदि स्थानों पर भी पुलिस चौकी बनाए जाने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। सुलभ शौचालयों का निर्माण भी यात्रा मार्गों पर होगा।
केदारनाथ में ठहरेंगे एक हजार श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, बीआरओ व कार्यदायी संस्थाओं को मार्गों में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। रावत ने आईजी संजय गुंज्याल और एमडी गढ़वाल मंडल रवि शंकर को निर्देश दिए कि 10 दिन में केदारनाथ में एक हजार अतिरिक्त श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट लगा दिए जाएं।
डीएम रूद्रप्रयाग आईजी एवं एमडी जीएमवीएन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएं। यात्रा मार्गों पर एसडीएम स्तर के अधिकारी निरीक्षण करें। शुक्रवार देर रात हुई इस बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, डीजीपी एमए गणपति आदि मौजूद रहे।