उत्तराखंड में मौसम खराब होने से राहत और बचाव कार्य धीमी गति से चल रहा है। पौड़ी के पैठाणी कस्बे के पास बादल फटने से दो गांवों में कई मकान बह गए हैं।
हालांकि हादसे में किसी के मरने की सूचना नहीं है। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टरों की उड़ान रोक दी गई है।
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सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं। लोगों को पैदल मार्ग से निकालने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि इनमें से कई पैदल मार्ग खस्ताहाल और बेहद खतरनाक स्थिति में हैं, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
प्रदेश में अब भी लगभग आठ हजार लोग फंसे हुए हैं। इनमें से चार हजार यात्री बदरीनाथ धाम में हैं, जबकि उत्तरकाशी में दो हजार लोग फंसे हुए हैं। कुछ लोग केदारघाटी और गोविंद घाट में भी फंसे हैं।
बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य में अगले 36 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, लैंसडौन में ज्यादा बारिश हो सकती है।
जी-जान से जुटे जवान
बारिश की आशंका आपदा प्रभावित उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में भी है।
माना जा रहा है कि बारिश के चलते हाल ही में खोली गई सड़कें फिर बाधित हो सकती हैं, जिसके बाद यात्रियों को निकालना और मुश्किल हो सकता है।