समय से अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण वन गूर्जर परिवार की महिला ने अगोड़ा हैलीपैड पर बच्चे को जन्म दिया।
परिजन महिला को प्रसव के लिए 33 किमी दूर चापा बुग्याल से डोली पर लादकर दो दिन में अगोड़ा पहुंचे थे। यहां से आगे जाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी थी लेकिन नहीं मिली।
लकड़ी की डोली से अस्पताल ले जाने के लिए चले
डोडीताल से 15 किमी आगे चापा बुग्याल में रह रहे वन गूर्जर शमशेर गनी की पत्नी जैतून बीबी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन बुधवार को लकड़ी की डोली से अस्पताल ले जाने के लिए चले। रात उन्हें डोडीताल में बितानी पड़ी। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब 12 बजे अगोड़ा पहुंचे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिवराम पंवार आदि ने महिला की हालत तत्काल प्रशासन को सूचना दी और हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने को कहा लेकिन मदद नहीं मिली, जबकि हेलीकॉप्टर से पड़ोस के गांव भंकोली में रसद उतारी जा रही थी।
समय बीतता रहा और करीब चार बजे जैतून बीबी ने हैलीपैड पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से उन्हें हरसंभव मदद दी गई। जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं। फिलहाल, उन्हें गांव में ही रखा गया है।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें