तपनीपाल ग्राम पंचायत में श्रमदान के जरिए सड़क निर्माण करते ग्रामीण।
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‘इच्छाशक्ति प्रबल हो तो नहीं असंभव कोई भी कार्य।’ इसी मजबूत इच्छाशक्ति के बलबूते खेतीखान क्षेत्र की तपनीपाल ग्राम पंचायत के युवाओं ने बिना सरकारी मदद के 500 मीटर सड़क का निर्माण करके दिखाया है। अपने इस कदम से युवाओं ने उन लोगों भी आइना दिखाया है जो हर कार्य के लिए सरकारी मदद का मुंह ताकते रहते हैं।
करीब एक महीने तक चले श्रमदान के बाद सोमवार को ऐड़ी मंदिर तक सड़क निर्माण करने के साथ मंदिर परिसर तक वाहन पहुंचने पर युवाओं और ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया है। ग्राम पंचायत तपनीपाल के युवा प्रकाश बोहरा ने बताया कि लंबे समय से ऐड़ी मंदिर तक सड़क मार्ग बनाए जाने की मांग उठाई जा रही थी। लेकिन कहीं से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर गांव के युवाओं ने श्रमदान के माध्यम से स्वयं सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया। गांव के युवा राजेंद्र सिंह बोहरा, दीपक बोहरा, किशोर बोहरा, अमित बोहरा, नरेंद्र बोहरा, सुभाष बोहरा, अतुल बोहरा, कमला देवी, तुलसी देवी, शांति देवी, मीना बोहरा, पुष्पा देवी आदि के अलावा अन्य ग्रामीणों ने बहुमूल्य समय निकाल कर सब्बल, कुदाल, फावड़े और बेलचों की सहायता से एक माह के भीतर सड़क निर्माण पूरा कर लिया।
पूर्व फौजी से मिली प्रेरणा से युवाओं ने बनाई सड़क
चंपावत। श्रमदान से सड़क बनाने की प्रेरणा युवाओं को मझेड़ा के पूर्व फौजी बृजेश बिष्ट से मिली। करीब छह माह पूर्व जिले के मझेड़ा निवासी पूर्व फौजी बृजेश ने खूनाबोरा से अपने गांव तक अकेले ही करीब दो किमी सड़क का निर्माण कर खासी सुर्खियां बटोरी थी।
जिला पंचायत सदस्या ने दिए एक लाख रुपये
चंपावत। तपनीपाल के युवाओं के श्रमदान और परिश्रम को देखकर क्षेत्र भ्रमण में आई जनकांडे जिला पंचायत सदस्य मीना देवी ने ऐड़ी मंदिर सौंदर्यीकरण व शौचालय निर्माण के लिए जिला पंचायत सदस्य निधि से एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि बिना किसी सरकारी मदद के 500 मीटर सड़क बनाई है, जो बहुत बड़ी बात है।