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नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप

Sat, 02 Feb 2019 12:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
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एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ठगी का शिकार हुए युवक और युवतियां। - फोटो : amar ujala
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मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन की आड़ में बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी संगठन में यूपी का एक दर्जा राज्यमंत्री भी शामिल बताया गया है। ठगी के शिकार युवक-युवतियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनिल गर्ब्याल को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

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कहा कि वर्ष 2017 में समाचार पत्रों के माध्यम से मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन के नाम से जिला, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के लिए आवेदन मांग थे। संगठन के सहस्त्रधारा रोड देहरादून स्थित प्रदेश कार्यालय में फार्म फीस के साथ आवेदन जमा करवाए गए और साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। नियुक्ति के लिए जिला प्रभारियों के पद के लिए पांच हजार, ब्लॉक प्रभारियों, सुपरवाइजर पद के लिए ढाई हजार और ग्राम पंचायत प्रभारी, शिक्षिका पद के लिए दो-दो हजार रुपये लिए गए।

सैकड़ों युवक-युवतियों ने आवेदन किए। नियुक्ति के बाद देहरादून और दिल्ली में प्रशिक्षण भी कराया गया, लेकिन संगठन के संस्थापक से जब वेतन की बात की गई तो वह टाल-मटोल करने लगे। अब संगठन का देहरादून स्थित कार्यालय भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चंपावत से करीब 187 बेरोजगार युवक और युवतियां आरोपी संगठन की ठगी का शिकार हुए हैं।
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एसडीएम ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन सीएम को भेजा जाएगा और सीएम के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में निर्मल थ्वाल, रनजीत सिंह, प्रदीप सिंह, चंद्रावती राना, गंगावती राना, गोविंद सिंह, जयंती देवी, राखी राना, निर्मला भंडारी, पूजा भंडारी, प्रेम सिंह, जितेंद्र सिंह, दीपा, रजनी, धमेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, राजू सिंह आदि शामिल थे। इधर मामले में संगठन के संस्थापक का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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