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खटारा बसें : दून से पिथौरागढ़ की 12 घंटे की यात्रा में लग गए 21 घंटे

Tue, 02 Jun 2026 09:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत कोतवाली के पास एनएच पर पिथौरागढ़ डिपो की खड़ी खराब बस। संवाद
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चंपावत। उत्तराखंड रोडवेज की जर्जर बसों ने मंगलवार को यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। देहरादून से पिथौरागढ़ जाने वाले यात्रियों का सफर उस समय मुसीबत में बदल गया, जब एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर तीन डिपो की बसें खराब हो गईं। हालत यह रही कि सामान्यतः 10 से 12 घंटे में पूरा होने वाला सफर यात्रियों को 21 घंटे में पूरा करना पड़ा। इस कारण बच्चों-महिलाओं समेत अन्य यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मंगलवार को पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो की 2019 मॉडल की बस (यूके 07 पीए 4277) देहरादून से पिथौरागढ़ जा रही थी। सुबह करीब 5:30 बजे बस कोतवाली चंपावत के पास खराब हो गई। बस खराब होने से एनएच पर जाम लग गया। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने बस को किनारे कराने का प्रयास किया लेकिन बस में तकनीकी खराब के कारण चालक बस को ठीक से एनएच किनारे नहीं लगा पाया। बस तिराहे पर खड़ी हो गई जिससे कई बार जाम लगते रहा।
इस बीच लोहाघाट रोडवेज डिपो से मैकेनिक बुलाया गया। तब तक यात्री एनएच किनारे बैठे रहे तो कुछ बस में सो गए। बस में बच्चे और महिलाएं अधिक संख्या में थे। सभी यात्री काफी परेशान रहे। करीब आठ बजे मैकेनिक मौके पर पहुंचा और मरम्मत शुरू की। बैटरी की जांच की गई तो वह काम नहीं कर रही थी। फिर दूसरी बैटरी मंगाई गई। करंट दिया तो सेल्फ ने काम करना बंद कर दिया। जैसे-तैसे बस को ठीक कर चंपावत स्टेशन पहुंचाया गया।
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मैकेनिक की सलाह पर चार घंटे बाद करीब 10 बजे लोहाघाट डिपो की दूसरी बस (यूके 07 पीए 4305) मंगवाई गई और यात्रियों को भेजा गया लेकिन घाट से दो किलोमीटर पहले ही सिंगदा क्षेत्र में बस का टायर पंक्चर हो गया। फिर टायर बदला गया, तब जाकर बस आगे बढ़ी। बसों के बार-बार खराब होने से यात्रियों गुस्सा भी देखा गया। यात्री पिथौरागढ़ करीब 21 घंटे में पहुंचे।
एनएच पर बस खराब होने पर यातायात को सुचारु रखने में कांस्टेबल केदार सिंह, पंकज कुमार ने सुबह 8:30 बजे तक मोर्चा संभाला। इसके बाद कांस्टेबल जगमोहन नेगी और गौरव कंबोज ने मोर्चा संभाला। पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के एआरएम रविशेखर कापड़ी ने कहा कि बसें तकनीकी समस्या के चलते खराब हो गई थी। उन्हें अब ठीक कर लिया गया है।

टनकपुर डिपो की बस बाराकोट में दे गई जवाब
टनकपुर डिपो की बस (यूके 07 पीए 3233) मंगलवार को लोहाघाट से बेड़ीनाग जाने के दौरान बाराकोट क्षेत्र में खराब हो गई। इससे बस में सवार 20 से अधिक यात्रियों काे दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं पिथौरागढ़ डिपो की गुरुग्राम से आ रही बस बनबसा क्षेत्र में खराब हो गई। बस में सवार पिथौरागढ़ जा रहे 30 यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए भेजा गया। खराबा बस को किसी तरह ठीक कर टनकपुर वर्कशॉप में मरम्मत के लिए लाया गया। एक ही दिन तीन डिपो की बस खराब होने से यात्रियों का पूरा दिन खराब हो गया। टनकपुर डिपो के एआरएम सुरेश चंद्र पांडेय ने बताया कि यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए भेजा गया था। मैकेनिक भेजकर बस को ठीक कराया जा रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए नई बसें उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पुरानी हो चुकी बसों को सड़क पर दौड़ाने से यात्रियों की जान को भी खतरा है। - अभय धौनी, यात्री
- अभय धौनी, यात्री

रोडवेज की बसों में सफर करना मुश्किल हो गया है। गंगोलीहाट जाना था। दूसरी बस से आया तो टनकपुर डिपो की बस भी रास्ते में खराब हो गई। - मदन, यात्री
- मदन, यात्री

पिथौरागढ़ जाने के लिए रोडवेज डिपो की वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट बुक किया था। खटारा बस में बच्चों के संग सफर करना भारी पड़ पड़ गया। शासन से अनुरोध है के पहाड़ी के डिपो में नई बसें दी जाएं। -महेश, यात्री
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-महेश, यात्री

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