चंपावत। उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की ओर से चंपावत शहर के आसपास यातायात, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रबंधन सहित अन्य चुनौतियों को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में शहर के जन प्रतिनिधियों ने नैनीताल से आए विशेषज्ञों के साथ पर्यावरण संरक्षण के साथ यातायात, पार्किंग, शुद्ध पेयजल आदि की समस्या के समाधान के लिए मंथन किया। जनप्रतिनिधियों ने शहर क्षमता के आंकलन के साथ पानी, सीवर, यातायात, पार्किंग की समस्या की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बताया। एटीआई से आए कार्यक्रम निदेशक मनोज पांडे ने बताया कि पहले चरण में राज्य के सात शहरों का अध्ययन किया जा रहा है जिनमें चंपावत के साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, मसूरी, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल शामिल हैं। सीडीओ आरएस रावत ने कहा कि हम सभी को मिलकर शहरों को सुविधायुक्त बनाने के लिए धारणा विकसित करनी होगी।
कार्यशाला में पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, प्रकाश तिवारी, श्याम नारायण पांडेय, व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय चौधरी, राजेंद्र गहतोड़ी, डीएफओ आरसी कांडपाल, ईओ अशोक वर्मा, ईई जल संस्थान बिलाल युनुस, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आदि ने चंपावत शहर की दिशा और दशा सुधारने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे।