बीएसएनएल के टावरों में कार्यरत श्रमिकों ने सोमवार से टावरों में तालाबंदी कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। इससे संचार व्यवस्था में व्यापक असर पड़ा है। इस संबंध में उन्होंने पहले ही बीएसएनएल के उच्चाधिकारियों को अल्टीमेटम दिया था।
श्रमिकों की मांग है कि उन्हें ठेकेदार की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा। इस बीच कुछ श्रमिकों के खाते में आधा-अधूरा भुगतान किया गया है, जबकि लगातार बीएसएनएल विभाग का इस ओर ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है, लेकिन अधिकारियों द्वारा सुध नहीं लेने से उनके पास टावरों में तालाबंदी करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। श्रमिक रघुवर राम, केसी सेलिया, बीडी जोशी, मदन सिंह, सतीश चौड़ाकोटी, केआर मौनी, पुष्पाल सिंह, तेज सिंह महराना का कहना है कि उन्होंने कोयाटी, चौड़ाकोट, गड़कोट, गागर, सूखीढांग, पाटी, कूंण, कुल्याल गांव के टावरों में तालाबंदी की है। यदि शीघ्र मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वह सड़कों में भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उधर बीएसएनएल के उपमंडल अधिकारी मनीष पंत का कहना है कि श्रमिकों को भुगतान ठेकेदार के स्तर से किया जाना है। ठेकेदार की ओर से इन्हें नियुक्त किया गया है। ठेकेदार को भुगतान मंडलीय कार्यालय अल्मोड़ा से किया जाता रहा है।