विधायक कैलाश गहतोड़ी से सम्मान से नवाजे जाने के बाद चंपावत जिला अस्पताल में उम्दा काम करने वाले ग
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चंपावत। जिला अस्पताल की तस्वीर एक माह के भीतर संवर गई है। पिछले महीने आए दो नए डॉक्टरों की तैनाती के बाद ऑपरेशन होने के साथ रेफरल केसों में कमी आई है। साथ ही लोगों की तकलीफ कम होने के साथ ही जेब पर मार भी नहीं पड़ रही है। गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका और सर्जन डॉ. राहुल चौहान की सेवा के मद्देनजर बृहस्पतिवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने उन्हें सम्मानित किया।
दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 17 जून को जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण किया था। करीब दो साल से खाली पड़े गायनाकोलॉजिस्ट की वजह से गर्भवती महिलाओं को जबर्दस्त दिक्कत हो रही थी। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि विशेषज्ञ की कमी से थोड़े से जटिल मामले भी रेफर हो जाते थे लेकिन अब तेजी से हालात सुधर रहे हैं। अब जिला अस्पताल में सामान्य प्रसव ही नहीं, ऑपरेशन भी हो रहे हैं। इस दौरान सात ऑपरेशन भी किए जा चुके हैं। सर्जन डॉ. चौहान ने मरीजों के और बेहतर इलाज के लिए एसी के अलावा ओटी की छिटपुट उपकरणों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बाद में विधायक ने तमाम अन्य चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ की भी पीठ थपथपाई। वहां डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय, सीओ ध्यान सिंह आदि थे।
डॉ. शौर्य सिंह जिला अस्पताल के नए नेत्र सर्जन
चंपावत। जिला अस्पताल में करीब एक साल से खाली नेत्र सर्जन के पद पर नियुक्ति हो गई है। डॉ. देहरादून जिला अस्पताल से स्थानांतरित होकर आए डॉ. शौर्य सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता आंखों के इलाज के साथ नेत्र संबंधी विकार से बचाव को जागरूक करने की होगी।