चंपावत। नेपाल सीमा से लगी 132 किमी की निर्माणाधीन टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) सड़क पर बनने वाले सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण जिस चूका पुल को जून 2019 में पूरा होना था वह अब शुरू होगा। समय में देरी के कारण अब इस पुल की लागत में भी 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कार्यदायी संस्था बदलने से लेकर अन्य विवाद की वजह से काम लटका रहा। आखिरकार अब सभी अड़चनें दूर हो गई हैं। लोनिवि की पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) की ओर से जारी एलओए (स्वीकृति पत्र) को ठेकेदार ने जमा कर दिया है।
टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर लधिया नदी पर चूका से रूपालीगाड़ को जोड़ने वाले 690 मीटर लंबे पुल को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विवाद और बजट के कारण पांच साल से यह पुल लटका रहा। निर्माण लागत भी 29 करोड़ से 90.24 प्रतिशत बढ़कर 55.17 करोड़ रुपये हो गई है।
इस पुल से एसएसबी की चौकियों के अलावा नेपाल सीमा से लगे चूका के बाद के गांवों का सड़क से संपर्क सुचारु होगा। पुल नहीं होने की वजह से चूका से रूपालीगाड़ तक की सड़क का खास लाभ नहीं मिल पा रहा था। संवाद
पुल बनने के बाद सरपट होगा टनकपुर-रूपालीगाड़ का सफर
चंपावत। पंचेश्वर बांध का डूब क्षेत्र तय नहीं होने से 132 किमी की टनकपुर-जौलजीबी सड़क अभी जौलजीबी के बजाय टनकपुर से 56 किमी दूर रूपालीगाड़ तक ही बन रही है। टनकपुर से ठुलीगाड़ तक 12 किमी सड़क पहले ही बन चुकी है। ठुलीगाड़ से चूका 18.600 किमी सड़क भी पूरी हो गई है। वहीं चूका-रूपालीगाड़ 24.400 किमी सड़क का काम अंतिम दौर में है। यह पुल टनकपुर को सीधे रूपालीगाड़ तक जोड़ेगा।
पुल से संबंधित तथ्य
पुल के निर्माण के लिए पांच बार निविदाएं दिसंबर 2016, मई 2021, मार्च 2022, जुलाई 2022 और नवंबर 2022 में निकाली गईं।
पहले ब्रिडकुल को मिला था काम, विवाद और देरी की वजह से वर्ष 2018 मेंं लोनिवि को काम दिया गया।
चूका से रूपालीगाड़ के बीच 24 किलोमीटर सड़क का सीमांत के 15 गांवों को लाभ मिलेगा।
चूका गांव से रूपालीगाड़ के बीच की एसएसबी की पांच (चामीगाड़, सीम, खेत, आमड़ा और ब्यूरी) बीओपी सड़क से जुड़ जाएंगे।
कोट
टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर चूका पुल के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं। एलओए जमा हो चुका है। ठेकेदार के साथ अनुबंध किया जा रहा है। डेढ़ साल में 690 मीटर लंबा पुल तैयार हो जाएगा। - आदर्श गोपाल, ईई, पीआईयू, टनकपुर।