चंपावत। मुड़ियानी मत्स्य केंद्र को अब केंद्रीय संस्थान का दर्जा मिल गया है। अब छीड़ापानी स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का शीत जल मात्स्यिकी अनुसंधान केंद्र दोगुनी रफ्तार से कोल्ड फिशरीज के उत्पादन पर काम करेगा।
रेन बो ट्राउट मछली पालन से जोड़कर काश्तकारों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में तेजी आएगी। मत्स्य केंद्र की शाखाएं खोलना भी आसान हो जाएगा। संस्थान का अपना खुद का बजट होगा। केंद्र अपने हिसाब से जहां चाहे वहां अपनी शाखाएं खोल सकेगा। इसका संचालन संस्थान ही करेगा।
कोट
कोल्ड फिशरीज के क्षेत्र में शोध समेत अन्य कार्य करना अब पहले से आसान होगा। डॉ. कुणाल किशोर, डॉ. गरिमा फार्म में अच्छा काम कर रहे हैं। केंद्र के उच्चीकृत होने के बाद कोल्ड वाटर फिशरीज का विस्तार बड़े स्तर पर किया जा सकेगा। -देविका पिल्लई, एडीजी, इनलैंड फिशरीज, दिल्ली।