क्वैराला घाटी की सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग की कटिंग का काम शुरू होने के एक दिन बाद ही बंद हो गया। काम बंद होने से इलाके के लोगों में मायूसी के साथ ही कई तरह की आशंकाएं भी हैं। ग्रामीणों ने काम जल्द शुरू करवाने की मांग की है।
क्वैराला घाटी के सिप्टी, सिमाड़, जमतोला, सैंदर्क, कोयाटी, मटेला, अमकड़िया, ग्वाड़, भंतोला, मर्सका, नंदोला, मलोड़ा, निरु, सैरा, दुनियां, ओखलढुंगा, मिर्तोला आदि गांवों सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग के निर्माण लिए क्वैराला घाटी समग्र विकास जन मंच के संयोजक प्रकाश जोशी शूल के नेतृत्व में ग्रामीण 2006 से आवाज उठा रहे थे। 8.26 करोड़ रुपये से बनने वाली 14.15 किमी लंबे इस मार्ग निर्माण कार्य का शुभारंभ सात अप्रैल को विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने किया था। करीब दस मीटर रोड की कटिंग भी हुई, मगर अगले दिन से ही रोड कटिंग का काम बंद हो गया। आठ दिन से काम बंद होने से ग्रामीणों में रोड को लेकर फिर से आशंका होने लगी है। ग्रामीणों ने इस मार्ग की कटिंग का काम जल्द से जल्द शुरू कराने का आग्रह किया है।
कोट
सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग में वन अनापत्ति की मामूली अड़चन की वजह से काम रोका गया है। प्रतिपूरक जमीन को लेकर वन विभाग की आपत्ति को दूर कराया जा रहा है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में ये आपत्ति दूर हो जाएगी। सोमवार को वे इसे लेकर प्रभागीय वनाधिकारी से मिलेंगे।
एके वर्मन,अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, चंपावत।
वन विभाग से लटकी है धौन-बड़ोली मार्ग
मई 2017 में स्वीकृत धौन-बड़ोली मोटर मार्ग में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। काम में देरी की वजह से लोगों में नाराजगी है। 6.55 किमी लंबे धौन-बड़ोली मोटर मार्ग के लिए करीब 11 माह पूर्व 444.22 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। मगर वन भूमि की स्वीकृति नहीं होने से वित्तीय मंजूरी के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा है। बड़ोली के ग्रामीण जयदत्त भट्ट सहित तमाम लोगों का कहना है कि सड़क बनने से मझेड़ा, बड़ोली, रीठा, ख्वामड़ तोक की करीब डेढ़ हजार की आबादी की दुश्वारी दूर होगी। ग्रामीणों ने सड़क के काम की अड़चन को दूर कर जल्द काम शुरू करवाने की मांग की है। पीएमजीएसवाई के ईई एके वर्मन का कहना है कि वन भूमि की स्वीकृति के बाद टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी।