पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी नलकूप के अटके काम को तुरंत शुरू कर पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग को लेकर मातृ शक्ति भी आंदोलन में कूद गई है।
आंदोलन के दूसरे दिन सोमवार को पुलहिंडोला बाजार में आन सिंह भंडारी के आवासीय परिसर में चल रहे ग्राम प्रधान उर्मिला भंडारी के नेतृत्व में महिलाओं ने भूख हड़ताल कर मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि क्षेत्रीय लोगों की मांगें पूरी होने तक वह आंदोलन पर डटी रहेंगी। भूख हड़ताल में बैठने वालों में उर्मिला भंडारी, सुशीला जोशी, पूजा धौनी, नेहा जोशी, केशवी देवी, भावना, हेमा, नंदा देवी, दुर्गा देवी शामिल थीं। ग्रामीणों का कहना है कि चार वर्ष से यहां मिनी नलकूप के निर्माण का कार्य चल रहा है।
मगर काम की सुस्त गति, शासन से बजट न मिलने के चलते यहां के लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। ममता, आनंदी देवी, हीरा देवी, आनंदी देवी, बसंती देवी, कमला देवी, पुष्पा गोस्वामी आदि ने आंदोलन को समर्थन दिया।
हैंडपंपों में अक्सर लगी रहती है भीड़
पुलहिंडोला में आजादी के बाद से क्षेत्र में एक भी पेयजल योजना का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके चलते लोगों को पेयजल के लिए गाड़-गधेरों, हैंडपंपों से निर्भर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कहने को तो यहां छह हैंडपंप लगाए गए हैं, जिनमें से तीन सूख चुके हैं। ग्रामीणों की निर्भरता इन तीन हैंडपंपों पर टिकी है। अत्यधिक दबाव के चलते ये हैंडपंप भी कई बार खराब हो जाते हैं। इसके चलते ग्रामीणों को कई किमी दूर गाड़-गधेरों से पानी ढोकर लाने को मजबूर होना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत गर्मियों के सीजन में होती है, जब यहां के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस जाते हैं। यहां के हैंडपंपों में लोगों की भीड़ लगती रहती है।