11 मांगों को लेकर 5 जुलाई से शुरू चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति के आंदोलन को अब व्यापारियों ने भी समर्थन दिया है। रविवार को व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, उपाध्यक्ष भगवत शरण राय, सनी वर्मा, कैलाश जोशी, दिग्विजय कार्की सहित तमाम व्यापारी नेताओं ने मुख्यालय के विकास के लिए इन मांगों को तत्काल पूरा करने पर जोर दिया।
संघ ने आंदोलन को हर मुमकिन सहयोग देने का एलान किया है। वहीं संघर्ष समिति के छठें दिन रविवार को कमांडर त्रिलोक सिंह बोहरा, हरीश चौधरी और साहित्यकार सुभाष जोशी ने धरना दिया।
संयोजक हरेंद्र बोहरा की अध्यक्षता और युवा विंग के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह महर के संचालन में हुई सभा में समिति के अध्यक्ष बसंत तड़ागी, योगेश तिवारी, देवेंद्र बिष्ट, एलएम भट्ट आदि ने क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न वर्गों से सहयोग का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से लटकी मांगों के लिए लोग सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन चंपावत के भविष्य से जुड़े इन मसलों की अनदेखी जारी है। 14 जुलाई के बाद से आंदोलन की रणनीति में बदलाव पर विचार किया जाएगा।
अमकड़िया रोड को होगा आंदोलन
चंपावत। चंपावत विकास एवं संघर्ष समिति की तरह ही क्वैराला घाटी के लोग सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग के लिए भी आंदोलन करेंगे। क्वैराला घाटी समग्र विकास जनमंच के संयोजक डॉ. प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग की लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है।
करीब 10 किलोमीटर की यह रोड प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से मंजूर है, लेकिन वन अनापत्ति पांच साल बाद भी दूर नहीं हो सकी है। अब यहां के लोगों ने सिप्टी-अमकड़िया सड़क निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन शुरू करने का एलान किया है।