क्षेत्र में चली आ रही गंभीर पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने से गुस्साए लोगों ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। पेयजल समस्या ने लोगाें की दिनचर्या को बिगाड़ दी है। लोगों की पूरी निर्भरता नौलों, धारों और गधेरों में टिकी है। लोग सुबह से ही पानी की तलाश में निकल पड़ते हैं।
पाटी सहित पूनाकोट, जौलाड़ी, भटियूड़ा, छत्रदयार सहित पूरे क्षेत्र में पेयजल किल्लत है। जल संस्थान की ओर से यहां लगाए गए हैंडपंपों में पीला पानी आ रहा है, जबकि एक हैंडपंप खराब पड़ा है। पेयजल योजना का जलस्तर काफी कम होने से लोगों को बहुत कम मात्रा में पानी मिल पा रहा है। इस संकट से लोगों को निजात दिलाने के लिए जल संस्थान की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि विभाग को टैंकरों से जलापूर्ति कर राहत देनी चाहिए।
नीरज पचैली, हीरा लाल, हरेंद्र सिंह, हेम गहतोड़ी, लाल सिंह, राकेश पाटनी, नवीन भट्ट, हीरा, सुनीता, शांति, चंद्रा लडवाल, खुशाल सिंह आदि ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र टैंकरों के जरिए यहां जलापूर्ति नहीं की जाती तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। उधर, जल संस्थान के अवर अभियंता चंद्रशेखर पंत का कहना है कि टैंकरों की कमी के कारण यहां जलापूर्ति करना संभव नहीं हो पा रहा है। यहां पिकअपों के जरिए जलापूर्ति करने पर विचार किया जा रहा है।
ठाड़ाढुंगा की महिलाओं ने नगरपंचायत में की नारेबाजी
नगर पंचायत की ओर से ठाड़ाढुंगा वार्ड में हैंडपंप का कार्य अधूरा छोड़ने पर महिलाओं ने पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का कहना था कि वे पानी के लिए भटक रही हैं। जल संस्थान की ओर से चार दिन बाद जलापूर्ति की जा रही है।
शुक्रवार को 90 वर्षीय कुंती देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने कचहरी परिसर के पास नगर पंचायत के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि मोहल्ले में नगर पंचायत ने हैंडपंप का कार्य शुरू किया गया था। जनवरी में 32 फिट गहरा कुंआ खोदकर उसमें चिनाई का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन उसके बाद पंचायत ने इस ओर पलटकर नहीं देखा। उषा जोशी, कमला देवी, सरस्वती देवी, दीपा पुनेठा, शशि पुनेठा, दीपा अधिकारी, प्रेमलता आर्या, सीता गहतोड़ी, जानकी पुनेठा, कमला जोशी, कविता बोहरा, चंद्रा पुनेठा आदि ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अधूरे हैंडपंप के कार्य को पूरा नहीं किया गया तो वे नगर पंचायत कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगी।