शादी-ब्याह के सीजन में बाजार खूब चहकता था। मगर इन दिनों बाजार में सन्नाटे का आलम है। बड़े से लेकर छोटे कारोबारी तक बाजार के गिरते ग्राफ से फिक्रमंद हैं।चंपावत में 30 से 40 प्रतिशत तक बिक्री में गिरावट हुई है।
केसी इलेक्ट्रानिक्स के स्वामी केसी ओली को शादी के सीजन में फुर्सत नहीं होती थी, लेकिन नोटबंदी के बाद से उनकी ग्राहकी काफी घट गई है। कहते हैं कि करीब 40 प्रतिशत तक कारोबार में गिरावट आ गई है। ज्यादातर ग्राहक ग्रामीण क्षेत्र के हैं, जिनके पास चेक बुक नहीं होती। कुछ लोगों को उधार में टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित अन्य सामान दिया है। इसी तरह दिवाली के बाद की वसूली में भी अड़चनें आ रही है।
गड़कोटी गारमेंट्स के स्वामी युधिष्ठिर गड़कोटी कहते हैं कि नए नोट बाजार में तो आ गए, मगर 2000 से छोटा नोट बेहद कम मात्रा में होने से कारोबार पर जबर्दस्त असर पड़ा है। स्वैटर, गारमेंट्स से लेकर स्कूल की यूनिफार्म तक की बिक्री में 35 प्रतिशत की कमी आ गई है।
दुकानदार ललित पांडेय का कहना है कि जूता सहित अन्य जरूरी सामान उधार में देने को मजबूर हैं। चाट बेचने वाले गोपाल गड़कोटी का कहना है कि नोटों की कमी से उनके काम पर करीब आधा असर पड़ रहा है। लोग 100 का नोट दे रहे हैं, तो वे 10 के सिक्के लेने को तैयार नहीं हैं।
काम नहीं कर रहे ज्यादातर एटीएम
शनिवार से बैंकों में दो दिन का अवकाश है, मगर नगदी आने पर भी यहां के ज्यादातर एटीएम लोगों को धन नहीं दे पा रहे हैं। यहां के 15 एटीएम में से दो को छोड़ बाकी अभी काम नहीं कर रहे हैं। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की पंचम वाहिनी के पास लगा एटीएम काम नहीं करने से एसएसबी कर्मी 7 किमी का फासला तय कर बाजार के एटीएम से रकम निकालने को मजबूर हैं।
यही हाल कोतवाली और कलक्ट्रेट के नजदीक के एटीएम का भी है। चंपावत में यूनियन बैंक का एटीएम भी काम नहीं कर रहा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि कुछ एटीएम में केलिबरेशन होना बाकी है, जबकि कुछ में तकनीकी खामी को दूर किया जा रहा है।