ेलमेट बगैर बेधड़क सड़क में आवाजाही करते लोग।
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क्षेत्र में दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पहने यातायात नियमों को धता बताकर हवा की गति से फर्राटा भर रहे है। ऐसे वाहन चालकों पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। कहने को तो समय-समय पर अभियान चलाकर हेलमेट नहीं पहनने वाले दुपहिया चालकों के चालान करने के साथ कई बाइकों को सीज भी किया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद ऐसे अभियान ठंडे बस्ते में चले जाते हैं।
दुपहिया वाहन चालक हेलमेट को सिर में पहनने के बजाय उसे बाइक में लटकाने को अपनी शान समझते हैं। यहां अगर हेलमेट पहना जाता है तो अपनी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि पुलिस को दिखाने के लिए। मंगलवार को भी ऐसे नजारे खूब दिखे। नियमों को तोड़ तेज गति से चलने वाले बाइक सवार दूसरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। बीते एक साल में ही 15 हादसे हो चुके हैं।
हेलमेट न पहनने वाले दुपहिया वाहन चालकों से लेकर उनकी चपेट में आए लोगों को जिंदगी गंवानी पड़ी है। इसके बावजूद लोग अब भी हेलमेट से दूर है। ज्यादातर युवा वर्ग हेलमेट को बाइक में टांगकर ले जाना अपनी आदत में शुमार कर चुका है। अलबत्ता पुलिस को देखकर चालान से बचने के लिए कुछ पलों के लिए हेलमेट सिर में डालते हैं। पुलिसिया कार्रवाई में हीलहवाली ऐसे तत्वों पर काबू नहीं कर पा रही है।
समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं। चालान के साथ ही कायदे-कानूनों को तोड़ने वालों की बाइकों को सीज भी किया गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम कसने को फिर से मुहिम चलेगी। -भूपेंद्र सिंह बृजवाल, थानाध्यक्ष, लोहघाट।