पाटी (चंपावत)। पाटी के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार से गहराए पेयजल संकट की मार गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों पर पड़ रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह का कहना है कि स्रोत की कमी के बाद जल संस्थान टैंकर से भी पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। जबकि इसके लिए जल संस्थान के जेई को पत्र भेजा गया था। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। अस्पताल गर्भवती महिलाओं को लोहाघाट रेफर करने को मजबूर है।
डॉ. सिंह का कहना है कि एक प्रसव में कम से कम 500 लीटर पानी चाहिए होता है। इसके अलावा अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं के लिए भी एक हजार लीटर पानी की जरूरत है। पाटी की 32544 की आबादी के लिए 53 पेयजल योजनाएं हैं। लेकिन हर रोज की 17.90 लाख लीटर के सापेक्ष इस वक्त सिर्फ 10.76 लाख लीटर पानी ही मिल पा रहा है। वहीं व्यापारी नेता दीपक जोशी का कहना है कि पानी के बगैर गर्भवती महिला को रेफर करना जल संस्थान की हीलाहवाली को दर्शाता है। इसे लेकर होली बाद क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री को पत्र भेजेंगे।
कोट
पाटी ब्लॉक के स्रोतों में 75 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आने से पाटी में पेयजल किल्लत है। अस्पताल की जरूरत को देखते हुए पाटी का टैंकर खराब होने से दूसरी जगह से टैंकर भेज अस्पताल को पानी देने का प्रयास किया जाएगा।
विलाल युनूस,
ईई, जल संस्थान, चंपावत।
पानी की कमी से पाटी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर असर पड़ा है। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने जल संस्थान से अविलंब वैकल्पि उपाय कर पेयजल आपूर्ति करने का आग्रह किया है। दो दिन में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।