पुलहिंडोला के लोगों के लिए प्यास का बुझना ही उनका विकास है, लेकिन अब तक उनकी यह एक अदद बुनियादी जरूरत पूरी नहीं हो सकी है। एक भी सरकारी पेयजल योजना यहां नहीं है। यहां के तीन मांडेक्स हैंडपंप खराब हैं। दो हजार की अधिक से आबादी महज एक हैंडपंप के सहारे है। इस कारण महिलाएं जाड़ों में भी तड़के चार बजे उठकर पानी को लाइन लगाने के लिए मजबूर हैं। संगज्यू महासंघ पुलहिंडोला के नेतृत्व में महिलाओं ने 31 किलोमीटर दूर पुलहिंडोला पहुंच मंगलवार को प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां की दो हजार से अधिक की आबादी पानी के लिए तरस रही है। पेयजल की एक भी योजना यहां नहीं है। ले-देकर चार मांडेक्स हैंडपंप लगाए गए थे, मगर तीन हैंडपंप लंबे समय से खराब हो गए हैं। महज एक हैंडपंप के सहारे यहां के लोग पानी पी रहे हैं। इसके लिए लोगों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है। हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किए जाने और पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से नाराज महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं ने हैंडपंप को ठीक कराने के साथ ही दो और हैंडपंप लगाने, यहां खोदे गए मिनी ट्यूबवेल के काम में तेजी लाने की मांग की। कहा कि अगर जल्द ही पानी की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई, तो महिलाएं आंदोलन करेंगी। समाख्या की संदर्भ व्यक्ति मीनू पंत के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन में निर्मला पंत, दीपा जोशी, नीलम पांडेय, पंकजा वर्मा, बची देवी, संतोषी, पनावती, मदन राम आदि शामिल थे।
ठीक कराएंगे हैंडपंप
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने तत्काल मांडेक्स हैंडपंप ठीक कराने के जल संस्थान को निर्देश दिए। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने कहा कि जल स्तर कम होने से दो हैंडपंपों से पानी नहीं निकल रहा है। अलबत्ता खराब हैंडपंपों को जल्द ठीक कराया जाएगा। वहीं पुलहिंडोला में मिनी ट्यूबवेल खुदवाया गया है, लेकिन इस काम में भी लेट-लतीफी हो रही है।