बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों में हुई बारिश के बाद बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से ऊपर चला गया। इससे बैराज प्रशासन ने रेड अलर्ट कर बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया।
बृहस्पतिवार को बनबसा में सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 73147 क्यूसेक था। दोपहर एक बजे यह बढ़कर 1,16,757 क्यूसेक पहुंच गया वहीं तीन बजे नदी का जलस्तर 1,56,602 क्यूसेक पहुंच गया। नदी का पानी एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज पर से वाहनों का संचालन सुचारू किया जाएगा।
वहीं नदी में अत्यधिक गाद (मलबा) आने से एनएचपीसी प्रशासन ने अपनी पावर चैनल की पानी सप्लाई बंद कर दी है। इससे पावर हाउस का बिजली उत्पादन ठप हो गया।एनएचपीसी प्रशासन का कहना है कि नदी में साफ पानी आने के बाद ही पावर चैनल में पानी छोड़ा जाएगा। पावर चैनल में पानी छोड़े जाने तक एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन में बिजली उत्पादन ठप रहेगा।
शारदा घाट में हाई अलर्ट
टनकपुर(बनबसा)। शारदा घाट में पानी सीढि़यों तक आते ही संवेदनशील क्षेत्र में रह रहे छह परिवारों को तत्काल वहां से कैंप या अन्यत्र सुरक्षित स्थान में जाने को कहा गया। साथ ही मुनादी कराकर नदी का जल स्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए सजग रहने की अपील की। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी ने बताया कि पालिका की ओर से कर्मी घाट पर तैनात किए गए हैं। लोगों को तत्काल अन्यत्र जाने को कहा। इसके लिए पंचमुखी धर्मशाला और सीताराम धर्मशाला में व्यवस्था की गई है। संवाद
सजौली गांव में बारिश ने मचाई तबाही
चंपावत। जिले के छतकोट ग्राम पंचायत के सजौली गांव में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई। ग्रामीणों के खेत खलिहान और अन्य फसलें मलबे की भेंट चढ़ गईं। कई आवासीय मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान कविता राणा ने बताया कि खेतों में धान रोपे पौध, गडेरी समेत अन्य प्रकार की खेती बर्बाद हो गई। क्वैराला नदी के तेज बहाव के कारण भू-कटाव हो रहा है, इस कारण गांव के लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। ग्रामीण दीपक भट्ट, ईश्वरी दत्त भट्ट, पीतांबर भट्ट, ललित भट्ट, विद्याधर भट्ट, रवीश भट्ट आदि ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। संवाद
धौन-बजौन मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त
चंपावत। भारी बारिश से धौन-बजौन मोटर मार्ग का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे ग्राम पंचायत बजौन की करीब 700 से अधिक की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क मार्ग खोलने की मांग की है।
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कीचड़ से पटी सिमैला गांव की सड़क
चंपावत। लोहाघाट से 20 किमी दूर सिमैला गांव की सड़क कीचड़ से भर गई। इससे लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया। गांव के नवीन जोशी और कमल जोशी ने बताया कि 15 साल पहले गांव के लिए तीन किमी सड़क लोनिवि ने काटी थी, लेकिन वर्तमान तक डामरीकरण नहीं होने से सड़क बारिश के दौरान कीचड़ से भर जाती है। लोगों को इस मार्ग पर वाहनों को धक्का मारकर आगे ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क पर जल्द से जल्द डामर करने की मांग की है। संवाद