लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लोग हैंड पंपों, गाड़ गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं। शादी विवाह व अन्य कामों के लिए लोगों को पानी खरीद कर पूरा करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से वर्षा न होने से पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से कम होता जा रहा है।
प्राकृतिक नौले, नदियों का पानी भी रसातल में पहुंच गया है। लोहाघाट नगर में लोगों को जल संस्थान की ओर से नलों में तीसरे या चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे, बूढे़, महिला, पुरुष सभी लोग सुबह से ही पानी की व्यवस्था में जुट रहे हैं। नगर में लगे सोलर हैंड पंपों से लोगों को काफी राहत मिल रही है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि पेयजल स्रोतों में भारी कमी के कारण पेयजल की समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने बताया कि लोहाघाट नगर में मांग के अनुरूप करीब 30 फीसदी ही पानी मिल पा रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश पेयजल योजनाओं के जल स्तर में 50 फीसदी से भी अधिक कमी आ गई है। उन्होंने बताया कि गंभीर समस्या वाले स्थानों में पिकअप, टेंकरों के जरिये जलापूर्ति की जा रही है।
खनात गांव में पानी की किल्लत से लोग परेशान
बेड़ीनाग(पिथौरागढ़)। विकासखंड के ग्राम सभा खनात में पानी की समस्या बढ़ गई है। यहां योजनाओं के स्रोतों के साथ ही गांव के नौले धारों में पानी का स्तर कम हो गया है। इससे नलों में भी जरूरत का पानी नहीं आ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु टम्टा ने बताया कि गांव में पानी की काफी किल्लत हो गई है। पूर्व में नाग मंदिर के पास बढ़ी टंकी पर जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों के सामने क्षेत्र विधायक मीना गंगोला को लिखित रूप में समस्या दी गई थी। उस समय उन्होंने गांव में पानी की आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने का आश्वासन दिया गया था। महीनों बीतने के बाद भी खनात गांव की पानी की समस्या दूर नहीं हो पाई है। लोग पानी के लिए परेशान हैं। नलों के पास खाली बर्तनों का जमावड़ा रहता है। लोगों का अधिकांश समय पानी जुटाने में बीत रहा है। एक बाल्टी पानी भरने के लिए आधे घंटे का इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने गांव में व्याप्त पेयजल संकट को शीघ्र दूर करने की मांग की है। (संवाद)