नवरात्र के चलते मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं को जल संस्थान की लचर व्यवस्था से ठुलीगाड़ में पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पैदल आते-जाते श्रद्धालुओं को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है। इकलौते हैंडपंप के सहारे प्यास बुुझाने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने जलसंस्थान को तत्काल जलापूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
यूं तो उत्तर भारत के सुविख्यात पूूर्णागिरि धाम में गैर मेला अवधि में भी पेयजल आपूर्ति ठप रहना आम बात हैं, लेकिन शारदीय नवरात्रों में जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए दुकानदार टंकियों में स्टॉक डंप रखते हैं, परंतु भीड़ बढ़ने पर ये स्टॉक भी नाकाफी साबित होता है। इन दिनों रोजाना बड़ी तादात में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। नवरात्रों में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश के बावजूद जल संस्थान पानी की व्यवस्था को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
धाम के प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ में नवरात्र के दूसरे दिन से स्टैंड पोस्टों में एक बूंद पानी नहीं टपका है। बहरहाल ठुलीगाड़ में श्रद्धालु प्यास बुझाने के लिए परेशानी का सामना कर रहे हैं। एसडीएम दुर्गापाल ने बताया कि ठुलीगाड़ में पानी की समस्या दूर करने के लिए जलसंस्थान को तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
पूर्णागिरि धाम के ठुलीगाड़ क्षेत्र में जलापूर्ति अस्थायी स्रोत से जोड़ी गई थी। स्रोत में पानी कम होने से संकट पैदा हुआ है। अन्य स्रोत से जलापूर्ति सुचारु करने को विभाग की टीम भेजी गई है। देर शाम तक जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। -बीआर कुवार्बी, जेई, जलसंस्थान, टनकपुर।
भक्तों की भीड़ उमड़ी
शारदीय नवरात्र के छठे दिन रविवार का अवकाश होने से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। करीब दस हजार भक्तों ने मां पूर्णागिरि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। शनिवार की शाम से ही श्रद्धालुओं के बड़ी तादात में पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। ठुलीगाड़ चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह खड़ायत ने बताया कि धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। मुख्य मंदिर में पुलिस और मंदिर समिति के स्वयंसेवक दर्शन की व्यवस्था में जुटे हैं।
सुरक्षा पर एसएसबी की पैनी नजर
पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर एसएसबी जवान सुरक्षा पर पैनी नजर रखे हैं। ठुलीगाड़ बैरियर का संचालन अपने हाथ में लेकर एसएसबी जवान वाहनों की सघन चेकिंग कर रहे हैं।